फाइलेरिया से बचाव अभियान होगा शुरू
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फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन के लिए जिला अस्पताल में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वीएस चंदेल की अगुवाई में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चंदेल ने फाइलेरिया बीमारी को गम्भीर बीमारी बताया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के पूर्व शासन द्वारा निर्धारित दवाओं का सेवन अनिवार्य रूप से करें, फाइलेरिया होने के बाद इसके निदान के करीब नगण्य उपाय हैं।
फाइलेरिया निदान के लिए शासन द्वारा निर्धारित दवाओं का कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं है। फिर भी अगर शरीर में माइक्रो फाइलेरिया के कीटाणु होते हैं, तो दवाओं के सेवन से सिर दर्द, बदन दर्द, पेट दर्द और उल्टी आदि होने की संभावना होती है। जो नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क कर तत्काल ठीक हो जाता है। विदित हो कि जिले में करीब 56 मरीज चिन्हित किए गए हैं, इसमें करीब शहरी क्षेत्र में 30 के करीब मरीज हैं, जो चिंता का विषय है।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला मलेरिया सलाहकार रवि साहू ने बताया कि 10 फरवरी से 23 फरवरी के बीच घर-घर स्वास्थ्य कार्यकर्ता पहुंचेंगे। 10 से 13 फरवरी बूथडे गतिविधि में स्कूल कॉलेज हॉस्टल संस्थान में 14 से 19 फरवरी घर-घर जाकर एवं 20 से 23 फरवरी छूटे हुए व्यक्तियों को समक्ष दवा का सेवन कराया जाएगा। इनमें दो साल से कम बच्चों को गर्भवती महिलाओं और गम्भीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को दवाओं का सेवन नहीं कराया जाएगा। प्रेस वार्ता में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ वीएस चंदेल, जिला मलेरिया सलाहकार रवि साहू, मलेरिया सुपरवाइजर धीरेंद्र मिश्रा और दिलीप सिंह मौजूद रहे।