बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पूरे विश्व में बाघों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां प्रबंधन की लापरवाही से आए दिन बाघों की मौत होती जा रही है। बुधवार को फिर एक नर शावक की मौत हुई है।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र कलवाह में दो वर्षीय नर शावक बाघ का शव मिला है। जबलपुर से आए वन्य प्राणी विशेषज्ञ चिकित्सकों की अगुवाई में पीएम कार्रवाई की गई। उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि प्राथमिक जांच में ये बाघों की आपसी लड़ाई बताई जा रही है, क्योंकि शव के आसपास अन्य बाघ के पगमार्क मिले हैं।
बाघ के पोस्टमार्टम से पहले बिसरा आदि भी एकत्र कर लिया गया है। इस पूरे मामले में फिलहाल मौत के कारण अस्पष्ट हैं। यानी आधिकारिक रूप से अब तक कोई भी स्टेटमेंट सामने नहीं आया है। अभी हाल के महीनों में जिस तरह अलग-अलग परिक्षेत्रों में टाइगर मौत के मामले सामने आए हैं, वो वन्य प्रेमियों के लिए चिंता का विषय है, वहीं पार्क अमले पर भी बड़ा सवाल है।