बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिंजरे से बंद एक बाघ-बाघिन को रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व शिफ्ट किया गया है।
मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की कजरी बाघिन को रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भेजा गया है। बहेरहा एनक्लोजर में कैद एक बाघ को भी उसके साथ भेजा गया है। बाघ और बाघिन लंबे समय से पिंजरे में बंद थे।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ नेशनल पार्क से बाघ और बाघिन को नौरादेही स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भेजा गया है। बाघिन को पर्यटक और वन विभाग के कर्मचारी कजरी के नाम से जानते हैं, जो खासी लोकप्रिय है। इसके साथ ही बहेरहा के बाड़े में कैद एक अन्य बाघ को भी रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भेजा गया है।
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बुधवार को ही बाघ-बाघिन को शिफ्ट किया गया। वह लंबे समय से बहेरहा के एनक्लोजर में कैद थे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रबंधन ने ही बाघ-बाघिन को दूसरे टाइगर रिजर्व छोड़ने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसे स्वीकार कर लिया गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की मशहूर बाघिन कजरी भी रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भेजी गई है। बाघिन कजरी टाइगर रिजर्व की मशहूर बाघिन थी और ताला जोन में दिखाई देती थी। पर्यटकों की पसंदीदा बाघिन थी, जो अब टाइगर रिजर्व में नहीं दिखाई देगी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बाघ और बाघिन वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आजाद होंगे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से भेजे गए बाघ की उम्र लगभग पांच वर्ष और बाघिन की उम्र छह वर्ष है।