शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने पाली तहसील जिला उमरिया के प्रभारी तहसीलदार डीएस मरावी पर शासकीय कार्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कमिश्नर द्वारा जारी आदेश में मरावी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 10(4) के तहत दोषी मानते हुए दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की सजा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार मरावी के विरुद्ध कार्यों में उदासीनता और समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण न करने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इस पर कमिश्नर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब और संबंधित प्रकरणों का गहन अवलोकन करने के बाद पाया गया कि मरावी ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती है। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि तहसील स्तरीय प्रशासनिक व्यवस्था में इस प्रकार की उदासीनता आमजन के हितों को प्रभावित करती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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कमिश्नर गुप्ता ने आदेश में उल्लेख किया है कि मरावी द्वारा प्रस्तुत उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया और उसमें किसी भी प्रकार की समाधानकारी तत्परता या सुधारात्मक दृष्टिकोण परिलक्षित नहीं हुआ। ऐसे में मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दो वेतनवृद्धियों को रोका गया है। इस निर्णय के साथ ही पूर्व में जारी कारण बताओ सूचना पत्र से संबंधित अनुशासनात्मक प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया गया है।
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यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कमिश्नर गुप्ता ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और तत्परता से करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।