उमरिया की मानपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पनपथा के सचिव राजेंद्र प्रताप द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत अभय सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सचिव द्विवेदी ने सरकारी बैठक के दौरान न सिर्फ अनुशासनहीनता की, बल्कि शासकीय कार्य में बाधा भी उत्पन्न की। इस पर तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, सीईओ ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।
बैठक में बिगड़ा माहौल
सूत्रों के मुताबिक, बीते शुक्रवार को जनपद मुख्यालय मानपुर में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता सीईओ अभय सिंह कर रहे थे। इस दौरान ग्राम पंचायत पनपथा के सचिव राजेंद्र प्रताप द्विवेदी से योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी को लेकर सवाल किए गए। जब उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि जो करना है, कर लो। उनका यह रवैया देखकर बैठक में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी हैरान रह गए। इसके बाद सचिव बैठक छोड़कर बाहर चले गए।
गुंडों के साथ कार्यालय में घुसने की कोशिश
बताया गया कि बाहर आने के बाद सचिव ने करीब 20 से 25 स्थानीय लोगों को बुलाकर जनपद कार्यालय में घुसने और हंगामा करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। स्थिति बिगड़ती देख सीईओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सचिव को निलंबित करने और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश जारी किए।
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सीईओ ने दी सख्त चेतावनी
सीईओ अभय सिंह ने कहा कि सरकारी बैठक के दौरान अनुशासनहीनता और शासकीय कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है। इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी इस तरह की हरकत करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन सख्त रुख में
घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल निलंबित सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाए।