उमरिया जिले में एक दो महीने के नवजात शिशु के अपहरण का मामला सामने आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसकी मां से मिला दिया। इस मामले में आरोपी महिला रामकली कोल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
फरियादिया ने थाना कोतवाली उमरिया में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नवजात शिशु को आरोपी महिला रामकली कोल बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। महिला आरोपी ने फरियादिया को समझाया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह अपने बच्चे की देखभाल सही से नहीं कर पाएगी, इसलिए वह स्वयं बच्चे की देखभाल करेगी। जब फरियादिया ने बार-बार बच्चे को वापस मांगा, तो आरोपी महिला ने उसे लौटाने से इनकार कर दिया और बच्चे को उमरिया से कहीं बाहर ले गई। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामला एक नवजात शिशु से जुड़ा हुआ था, इसलिए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया के निर्देश पर थाना प्रभारी कोतवाली को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। पुलिस टीम का गठन कर आरोपी महिला और बच्चे की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों की जांच की। पता चला कि महिला आरोपी नरसिंहपुर जिले में मौजूद हो सकती है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संभावित स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन पहली बार में आरोपी महिला पकड़ में नहीं आई। पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे और आखिरकार आरोपी को दबोचते हुए नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर लिया।
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बच्चे की मां से मिलन और आरोपी पर कानूनी कार्रवाई
बच्चे की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को उसकी मां को सौंप दिया, जिससे मां की ममता को फिर से सुकून मिला। महिला आरोपी रामकली कोल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक मां को उसका बच्चा वापस मिला, बल्कि अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी दिया गया कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।