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- फोटो : अमर उजाला
एसपी के एक्स की पोस्ट पर पूछे गए यह सवाल
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प्रीति वर्मा ने एसपी प्रदीप शर्मा से पूछा है कि महाराजवाड़ा स्कूल की दीवार गिरने पर पुलिस की क्या गलती है श्रीमान जी कृपया यह बताएं...?
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राकेश मिश्रा ने इस कार्रवाई पर लिखा है कि वाह क्या सराहनीय कार्य किया है। टीआई और बीट प्रभारी द्वारा दोनों खराब इंजीनियर मिस्त्री थे।
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YT-47 के नाम से आए एक कमेंट में लिखा गया है कि अगर दीवार गिरी है तो इसमें पुलिस के साथ विधायक, नगर पालिका के जिम्मेदारों की भी गलती है तो फिर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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प्रदीप पटेल ने कमेंट में लिखा है कि दीवार गिरने में पुलिस की आखिर क्या गलती है।
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भागीरथ विश्नोई ने कमेंट में लिखा है कि हद है, दीवार पकड़कर पुलिस बैठी रहेगी क्या। कैसे आप आईपीएस बन गए।
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अजय सिंह ने लिखा है कि बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है, यह नेचर है यही क्रियाशील होता है।
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मनावर विधायक ने भी कार्यवाही पर खड़े किए सवाल
इस पूरे मामले मे मनावर विधायक डॉ. हिरालाल अलावा नई एसपी द्वारा एक्स पर डाली गई पोस्ट पर कमेंट किया है, जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए लिखा है कि दीवार टूटी, ज़िम्मेदारी से मुंह मोड़ा, उज्जैन में दीवार गिरने से मासूम जानें गईं पर निलंबन की गाज गिरी सिर्फ थानेदार पर। महाकाल लोक निर्माण मे घोटाले की परतें, मगर कोई कार्रवाई उन पर नहीं जो असली जिम्मेदार हैं। ठेकेदारों और निर्माणकर्ताओं पर। एसपी साहब, क्या पुलिस दीवारों को पकड़कर बैठी थी? या दीवार बनाने वालों पर होगी कोई ठोस कार्रवाई? जनता को भ्रमित करने के लिए सिर्फ छोटे अफसरों को बलि का बकरा बनाने से न्याय नहीं मिलेगा। असल दोषियों पर कब होगी सख्त कार्रवाई...? महाकाल लोक निर्माण का सच कब आएगा सामने? SP साहब थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक की क्या गलती बताइए...?
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मानसून को लेकर लिखित में जारी किए थे निर्देश
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने महाराजवाड़ा स्कूल की दीवार गिरने के मामले में महाकाल थाना प्रभारी अजय वर्मा और बीट प्रभारी उपनिरीक्षक भरत सिंह निगवाल की लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी कार्रवाई पर भले ही एक्स पर कई तरह के कमेंट्स किए जा रहे हो, लेकिन सोर्स बताते हैं कि मध्यप्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बाद उनके द्वारा भी पिछले चार दिनों से मानसून को लेकर लिखित में आदेश जारी किए गए थे, जिसमें बताया गया था कि थाना क्षेत्र में ऐसे स्थान जो की बारिश के दौरान जानलेवा साबित हो सकते हैं, वहां पुलिस द्वारा एहतियात के तौर पर ऐसे इंतजाम किए जाएं, जिससे की कोई दुर्घटना या जनहानि न हो। लेकिन महाकाल थाना प्रभारी और बीट प्रभारी ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण ही इस मामले में उन्हें दोषी मानकर यह कार्रवाई की गई है।