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Ujjain Rape Case: पीड़िता ने काउंसलिंग विशेषज्ञों को बताई रेप की घिनौनी सच्चाई, भरत का फोटो देखते ही पहचानी

Fri, 13 Oct 2023 03:09 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन दुष्कर्म पीड़िता ने पहली बार काउंसलिंग के दौरान इंदौर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित से यह दर्द बयां किया और कहा कि आरोपी मुझे खेत पर ले गया और गला दबाया। 
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उज्जैन की सड़कों पर चीथड़ों में घूमते मिली थी नाबालिग - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उज्जैन दुष्कर्म पीड़िता ने पहली बार काउंसलिंग के दौरान इंदौर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों के सामने अपना दर्द बयां किया। वह अपराधी से इस कदर नफरत करती है कि वह उसे पत्थरों से मारने की बात कह रही है। 
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बता दें कि मानसिक रूप से कमजोर सतना की नाबालिग 25 सितंबर 2023 को रात में करीब तीन बजे उज्जैन रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भटक रही थी। उस दौरान आरोपी ऑटो चालक भरत सोनी उसे आटो में बैठाकर ले गया और बड़नगर रोड पर जीवनखेड़ी क्षेत्र में ले जाकर दरिंदगी की थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उज्जैन न्यायालय में बयान दर्ज होने से पहले इंदौर में काउंसलिंग विशेषज्ञों से पीड़िता की बात हुई। 

उज्जैन दुष्कर्म पीड़िता ने पहली बार काउंसलिंग के दौरान इंदौर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित से यह दर्द बयां किया और कहा कि आरोपी मुझे खेत पर ले गया और गला दबाया। फिर दांतों से काटा व गलत काम किया। मुझे दर्द हो रहा था और मैं पापा को आवाज लग रही थी। विशेषज्ञों ने बताया कि स्लो लर्निंग डिसेबिलिटी होने से पीड़िता अभी तक अपनी बात किसी को ठीक से समझा नहीं पा रही थी। विशेषज्ञों ने उसकी बात समझी और संवर्धित व वैकल्पिक संचार विधि से उसके बयान लिए गए। पीड़िता से बात करने वाले विशेषज्ञों बताया कि दरिंदगी के बाद वह अपराधी से इस कदर नफरत करती है कि वह उसे पत्थरों से मारने की बात कह रही है। 
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पीड़िता ने बताया कि अनजान रास्ते पर भटक रही थी। आसपास से गुजरने वाले कई वाहन रुके और निकल गए। तभी एक ऑटो आया, उसके ड्राइवर ने बैठा लिया। दुष्कर्म के बाद आरोपी खेत पर छोड़कर चला गया। जितनी पीड़ा उसे घटना के दौरान हुई, उतनी ही आठ किमी पैदल चलने पर भी हुई। पीड़िता ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। ऐसे में लोग उसकी बातों को समझ भी नहीं पा रहे थे।

तीन दिनों तक चली काउंसलिंग के दौरान पीड़िता के संकेत, बोलने, हाव-भाव के माध्यम से बयान को दर्ज किया गया। वह वाक्य एक साथ नहीं बोल पाती है। एक शब्द ही कह पाती है। गुस्सा झलक रहा था पीड़िता ने आरोपी की पहचान उसके फोटो के माध्यम से की। उसे अभी तक ठीक से हिंदी भी पढ़ना नहीं आती है। वह अपना नाम भी नहीं लिख सकती है। उसने विशेषज्ञों को जो भी बताया कि हर एक शब्द में गुस्सा झलक रहा था। 
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