पांच साल में 500 बार ज्ञापन सौंपे
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आने वाले दिनों मे मध्यप्रदेश की छह बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब 45 हजार बिजली आउटसोर्स-संविदाकर्मी उन्हें नियमित करने और विभागीय संविलिन की मांग को लेकर छह और सात जनवरी से सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं।
बता दें कि ये कर्मचारी पहले छह जनवरी को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद प्रदेश भर के आउटसोर्स संविदा कर्मचारी सात जनवरी को भोपाल मे सामूहिक धरना देंगे। इनके समर्थन में रेग्यूलर तकनीकी कर्मी भी सामूहिक अवकाश पर रहेगें। ऐसे में प्रदेश की बिजली व्यवस्था चरमरा सकती है।
कई परिवार तबाह हो चुके...
बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रान्तीय संयोजक मनोज भार्गव एवं समन्वयक दिनेश सिसोदिया ने बताया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विशेष पत्र प्रेषित कर कहा है कि एमपी बिजली सेक्टर में कई साल में जारी टेम्प्रेरी आउटसोर्सिंग-संविदा व्यवस्था से आए दिन विद्युत दुर्घटनाओं में बिजली कर्मियों की बली चढ़ने से कई माताओं की कोख उजड़ चुकी है और कई परिवार तबाह हो चुके हैं।
इसलिए बिजली आउटसोर्स-संविदा प्रतिनिधि मंडल से मुख्यमंत्री अतिशीघ्र आधे घंटे चर्चा कर इस व्यवस्था को समाप्त कर बीच का रास्ता निकालें, जो सरकार एवं कर्मचारी दोनों के लिए ही सुखद हो। अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो मध्यप्रदेश की छह बिजली कंपनियों के बिजली आउटसोर्स-संविदा और नियमित तकनीकी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे और मांगो को लेकर धरना भी देंगे।