गोपाल मंदिर पर महाकाल की सवारी पहुंची तो जयकारों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र।
- फोटो : सोशल मीडिया
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से श्रावण मास की अंतिम और भगवान महाकाल की इस वर्ष की आठवीं सवारी धूमधाम से निकलना शुरू हो गई है। बाबा महाकाल सवारी में भक्तों को एक साथ आठ स्वरूपों में दर्शन दे रहे हैं। आज सोम प्रदोष का विशेष संयोग भी है, यही कारण है कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे हैं। सवारी जैसे ही गोपाल मंदिर पहुंचे वैसे ही हरि का हर से मिलन हुआ। पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन किया गया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर से श्रावण महीने के अंतिम सोमवार पर बाबा महाकाल की आठवीं सवारी मंदिर परिसर से शाम 4 बजे धूमधाम से निकली। सवारी के दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर के रूप में विराजित हुए। वहीं हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव और नन्दी रथ पर उमा-महेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, नवीन रथ पर श्री घटाटोप स्वरुप और दूसरे नवीन रथ पर श्री जटाशंकर और रथ पर नए स्वरूप श्री रूद्रेश्वर मुखारविंद शामिल होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले।
सभामंडप में बाबा महाकाल के स्वरूप का पूजन किया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
सवारी के निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में सर्वप्रथम भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन कर भगवान की आरती की गई। इसके बाद रजत पालकी में विराजित अवन्तिका के महाराज भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर नगर भ्रमण की ओर रवाना हुए। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया। इसके बाद सवारी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर श्री चन्द्रमौलेश्वर व श्री मनमहेश का मोक्षदायिनी मां शिप्रा के जल से अभिषेक पूजन के बाद सवारी रामघाट से रामानुज कोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।