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Ujjain: श्रावण के पहले सोमवार को बाबा श्री महाकाल मनमहेश के रूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे, पालकी में विराजेंगे

Sun, 21 Jul 2024 09:47 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

सावन माह के पहसे सोमवार यानी 22 जुलाई को भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी ठाठ-बाट से परम्परागत मार्ग से निकाली जाएगी। पालकी में भगवान मनमहेश के स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। 
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बाबा महाकाल की सवारियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारियों का क्रम कल से शुरू हो रहा है। श्रावण माह के पहले दिन ही सोमवार 22 जुलाई को सवारी नगर भ्रमण पर अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए परम्परागत मार्ग से निकाली जाएगी। 
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श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर मृणाल मीना ने बताया कि भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी ठाठ-बाट से परम्परागत मार्ग से निकाली जाएगी। पालकी में भगवान मनमहेश के स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान श्री महाकालेश्वर के श्री मनमहेश स्वरूप का विधिवत पूजन-अर्चन महाकाल मन्दिर के सभा मंडप में होने के पश्चात भगवान श्री मनमहेश पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
 
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सावन के पहले सोमवार को बाबा महाकाल मनमहेश के रूप में भ्रमण पर निकलेंगे। - फोटो : अमर उजाला
भगवान की सवारी मंदिर से अपने परंपरागत निर्धारित समय शाम 4 बजे निकलेगी
मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजमान भगवान श्री मनमहेश को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी जाएगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की पालकी मंदिर से निकलने के बाद महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्रीचौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचेगी।
    
जनजातीय कलाकारों का दल भी सहभागिता करेगा
प्रशासक मृणाल मीना ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय कलाकारों का दल भी सहभागिता करेगा। 22 जुलाई को धार के भील जनजातीय भगोरिया नृत्य के सदस्यों का दल  सवारी में प्रस्तुति हेतु सम्मिलित होगा।   

चलित रथ के माध्यम से होगा प्रसारण
दो चलित रथ के माध्यम से बाबा महाकाल की सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इस चलित रथ की विशेषता यह है कि इसमें लाइव बॉक्स रहेगा, जिससे लाइव प्रसारण निर्बाध रूप से होगा। मंदिर के जिस मुख्य द्वार से राजाधिराज महाकाल की पालकी नगर भ्रमण के लिए निकलेगी, केवल पारंपरिक नौ भजन मंडलियां व झांझ डमरू दल को सवारी में शामिल किया जाएगा।
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