बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल के दर्शन और पवित्र शिप्रा नदी में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। शिप्रा के पवित्र तट रामघाट पर पुरुषों के साथ ही रोजाना महिलाएं और युवतियां भी बड़ी संख्या में स्नान करने के लिए पहुंचती हैं, लेकिन यहां महिलाओं के लिए वस्त्र बदलने की कोई व्यवस्था न होने से उन्हें शर्मसार होना पड़ रहा है। घाट पर कपड़े बदलने की जगह नहीं होने पर महिलाओं को सार्वजनिक रूप से ही कपड़े बदलना पड़ रहे हैं। घाट पर कई तरह के असामाजिक लोगों की निगाहें उन पर ही बनी रहती हैं। जिससे महिलाओं को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम द्वारा संपूर्ण नदी घाट क्षेत्र से वस्त्र बदलने के लिए लगाए गए टीन सेड हटा लिए गए हैं। ऐसे में नदी क्षेत्र में कहीं भी वस्त्र बदलने के लिए सेड नहीं हैं, ना ही कोई ऐसी जगह है, जहां महिलाएं नहाने के बाद वस्त्र बदल सकें।
स्थानीय प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा श्रावण माह होने के कारण घाट पर कई तरह की व्यवस्था की गई है, बैरीकैटिंग सहित सुरक्षा संबंधी सभी तरह की व्यवस्थाएं प्रशासन ने की हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वस्त्र बदलने के लिए सेड की व्यवस्था नहीं की गई है। जिम्मेदारों को तत्काल इस और ध्यान देते हुए महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए सेड की व्यवस्था करनी चाहिए। रामघाट पर पुजारी पंडित अजय व्यास ने बताया कि प्रशासन और नगर निगम को घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने की व्यवस्था करना चाहिए। महिला श्रद्धालु तो सार्वजनिक रूप से भी कपड़े बदल लेती हैं, लेकिन इससे धार्मिक नगरी उज्जैन का नाम खराब हो रहा है। जिम्मेदारों को इस और तत्काल ध्यान देना चाहिए।
जल्द लगाए जाएंगे टीन शेड - महापौर
बारिश के कारण रामघाट पर लगे टीन शेड हटा दिए गए थे, जिन्हें जल्द ही लगा दिया जाएगा। यह बात महापौर मुकेश टटवाल ने कहीं और यह भी बताया कि आने वाले सोमवती अमावस्या स्नान को लेकर भी नगर निगम ऐसी व्यवस्थाएं करने में जुटा हुआ है, जिससे कि घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़े।