रामघाट पर मिला दो नालों का पानी
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उज्जैन में मंगलवार दोपहर को मां शिप्रा को साफ स्वच्छ रखने के दावे उस समय फेल हो गए, जब महज कुछ देर के लिए हुई बारिश में ही रामघाट पर दो नालों का पानी मां शिप्रा में मिलने लगा। इस दौरान घाट पर उपस्थित लोगों ने मां शिप्रा में गंदे नाले मिलने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों और जिम्मेदारों तक पहुंचाई। लेकिन सूचना देने के बावजूद भी स्थिति यह थी कि लगभग एक से डेढ़ घंटे तक मां शिप्रा में मिल रहे गंदे नालों को रोकने वाली कोई टीम रामघाट पर नहीं पहुंची थी।
मां शिप्रा में नाले का गंदा पानी मिलने से नाराज कांग्रेसियों ने धर्म के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा सरकार को जमकर कोसा और उनकी कथनी और करनी में अंतर होने की बात कही। याद रहे कि मां शिप्रा में नाले का गंदा पानी मिलने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले एक महीने में कई बार रामघाट पर नाले का गंदा पानी मां शिप्रा में मिल चुका है। स्मार्ट सिटी और नगर निगम हर बार इस व्यवस्था को सुधारने की बात कहता है, लेकिन फिर भी अब तक इसे सुधारा नहीं जा सका।
नाले की सफाई न होने से बन रही यह स्थिति...
बताया जाता है कि इस नाले की ठीक से सफाई न होने के कारण यह नाला बार-बार ओवरफ्लो हो जाता है और इसी कारण मां शिप्रा में गंदे नाले का पानी चला जाता है। हर बार इस नाले को ठीक करने की बात स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार कहते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब तक इस नाले की ठीक से सफाई नहीं होगी। तब तक यह नाला इसी तरह ओवरफ्लो होता रहेगा। स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों को रामानुजकोट से बड़े पुल के बीच डाली गई इस पाइप लाइन की सफाई करवाना चाहिए, जिससे कि यह नाला अब ओवरफ्लो नहीं हो और मां शिप्रा साफ व स्वच्छ रह सके।