प्रदेश शासन ने पिछले 15 साल पहले शुरू की गई शराब दुकानों के पास अहाता नीति को इस साल से खत्म कर दिया है। अभी तक अहातों की आड़ में शराब दुकानों के आसपास बड़ी संख्या में नमकीन और अन्य सामान के ठेले लगते थे और अहाता नीति के समाप्त होने के साथ इनके ठीहे भी आज से बंद हो गए हैं।
आबकारी विभाग के एचआर पचौरी ने बताया, शुक्रवार रात को ही सब अहातो को सील कर दिया गया है। अब केवल शराब दुकानों से ग्राहक शराब की बोतल खरीद सकेंगे। उसे वहां शराब पीने की परमिशन नहीं मिलेगी।
चोरी छुपे पी जा रही शराब...
शनिवार सुबह उज्जैन शहर की कई दुकानों पर शराबी रोज की तरह शराबखोरी करने को पहुंचे। लेकिन अहाते खत्म हो चुके थे और ये लोग चोरी-छिपे या सूनसान जगह पर खड़े होकर शराब पीते नजर आए। नीलगंगा, जयसिंहपुरा, हरिओम तोल कांटा और जीरो पॉइंट सहित तेलीवाड़ा और केडी गेट क्षेत्र की शराब दुकानें, ऐसे स्थान पर जहां लोग सड़कों और खुले स्थानों पर ही शराबखोरी करते हैं।
नानाखेड़ा क्षेत्र में तो यह हालत हैं कि लोग बस स्टैंड, स्टेडियम और फोरलेन पर जाकर शराब पीने का शौक पूरा करते हैं। आज से इन सभी स्थानों पर शराबखोरों की भीड़ दिखाई देगी और शाम के समय शराबियों की भीड़ इन स्थानों पर दिखाई देगी। इससे निपटने के लिए आबकारी विभाग ने तीन टीमें बनाई हैं, जो सड़कों पर या ऐसे स्थानों पर शराबखोरी करने वालों की धरपकड़ करेगी।