केडी गेट से इमली तिराहा तक चौड़ीकरण कार्य को पूरा करने की निगम के अधिकारियों को कुछ ज्यादा ही जल्दी है। यही कारण है कि प्रभावित लोगों द्वारा अपने मकानों को खुद के द्वारा तोड़े जाने पर भी निगम अधिकारी राजी नहीं हो रहे हैं और चौड़ीकरण के दौरान पांच से छह फीट के अतिक्रमण को हथौड़े से नहीं बल्कि पोकलेन से हटवा रहे हैं। अधिकारियों की मनमानी का एक ऐसा ही मामला शनिवार दोपहर को लालबाई फूलबाई माता मंदिर के पास देखने को मिला, जब यहां पहुंची नगर निगम की टीम ने उपयंत्री गोपाल बोयत की उपस्थिति में लगभग एक दर्जन से अधिक मकान पोकलेन से तोड़ डाले। इन मकानों को पोकलेन से तोड़ने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी, लेकिन यदि इन्हें तोड़ा भी गया तो पहले मकान में रह रहे लोगों को बाहर निकलवाना था, उसके बाद यह कार्रवाई करना थी। लेकिन नगर निगम की टीम जब एक तीन मंजिला इमारत को ढहा रही थी, उस समय घर के अंदर ही लगभग एक दर्जन महिलाएं काम कर रही थी, जिन्हें यह तुड़वाई करने के दौरान कार्रवाई रोककर घर से बाहर निकाला गया। वहीं एक अन्य मकान के निचले हिस्से को जब तोड़ा जा रहा था, उस समय इसी मकान की बालकनी में एक बालिका खेल रही थी। कार्रवाई के दौरान उसे भी यहां से तत्काल हटाकर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई की जानकारी जब महापौर मुकेश टटवाल को दी गई तो उनका कहना था कि मामले की जांच की जाएगी और जो भी अधिकारी दोषी होगा उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजकुमार के मकान के पिलर हवा में लटके
नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई में राजकुमार राठौर के एक-तीन मंजिला भवन के आगे के हिस्से को गिराने से उसके पिलर तक हवा में लटका दिए। इसके बाद पोकलेन ने रामचंद्र प्रजापत के तीन मंजिला भवन के हिस्से को गिराने में पूरे भवन को ही इतना जर्जर कर दिया कि वह अब डेंजर हो गया। आसपास से दीवारों में दरार पड़ गई और छत झूलने लगी। भवन रहने लायक तक नहीं बचा।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने जताया विरोध
इस लापरवाहीपूर्वक की गई कार्रवाई की जानकारी लगते ही भाजपा पार्षद गब्बर भाटी, गजेंद्र हिरवे, हेमंत गेहलोत तुरंत जर्जर भवन को देखने पहुंचे जहां उन्होंने कार्यवाही के विरोध में मलबे पर बैठकर धरना दिया। जब उन्हें दोषियों पर कार्रवाई व नुकसान की भरपाई का आश्वासन मिला उसके बाद भाजपाइयों का यह धरना समाप्त हुआ। जबकि शहर कांग्रेस अध्यक्ष रवि भदौरिया, विक्की यादव, अशोक भाटी ने भी इस घटना के विरोध में क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इस घटना पर विरोध जताया और नुकसान की भरपाई और दोषी अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई को लेकर आंदोलन किया।
हटना था मलबा कैसे तोड़ दिए मकान - भाटी
भाजपा पार्षद गब्बर भाटी ने बताया कि उन्होंने जब इस मामले को लेकर निगमायुक्त रोशन कुमार सिंह से चर्चा की तो उनका कहना था कि शनिवार को तो भवन तोड़ने की कार्रवाई के आदेश थे ही नहीं। केवल मलबा उठवाने का कार्य किया जाना था।