इन दिनों आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू का कारवां हजारों श्रद्धालुओं के साथ धर्म नगरी की ओर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें श्री राम कथा प्रवक्ता मोरारी बापू द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर पहुंचकर भगवान शिव को सबसे उत्तम मास यानी पुरुषोत्तम मास में श्री रामकथा सुना रहे हैं। इस कथा की शुरूआत केदारनाथ उत्तराखंड से हो चुकी है। द्वादश ज्योतिर्लिंग, तीन धाम और तिरुपति बालाजी की यह यात्रा लगभग 18 दिन में पूरी होगी। इसी यात्रा के दौरान रामकथा प्रवक्ता मोरारी बापू बाबा महाकाल को श्री राम की महिमा सुनाने 5 अगस्त को उज्जैन भी पहुंचेंगे।
श्रावण के अधिकमास में रामकथा प्रवक्ता मोरारी बापू की एक अनोखी रामकथा इन दिनों देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर की जा रही है। आमतौर पर बापू नौ दिन रामकथा करते हैं, लेकिन यह कथा यात्रा द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर होगी और इसे पूरा होने में लगभग 18 दिन लगेंगे। इस कथा के लिए विशेष रूप से दो ट्रेन कैलाश एक्सप्रेस व चित्रकूट एक्सप्रेस तैयार की गई है, जिन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंग, तीन धाम, तिरुपति बालाजी और बापू के पैतृक गांव के चित्रों से विशेष रूप से सजाया गया है, जो कि 1008 श्रोताओं को साथ लेकर देश का आध्यात्मिक पर्यटन करवा रही है। यात्रा देश के 8 राज्यों में करीब 12 हजार किमी का सफर तय करेगी। श्रोता यात्रियों को द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के अलावा तीन धाम जगन्नाथपुरी, रामेश्वर (जो ज्योतिर्लिंग भी है) और द्वारका के दर्शन का मौका मिलेगा। द्वादश ज्योतिर्लिंग पर यह कथा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगी। इस सफर के दौरान एक दिन यात्रियों को तिरुपति बालाजी के दर्शन का लाभ भी होगा।
भारत की विविधता में एकता दिखाना है यात्रा का उद्देश्य
बताया जा रहा है कि पहली बार हो रही द्वादश ज्योतिर्लिंगों की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत की विविधता में एकता दिखाना और सनातन धर्म की समझ को बढ़ावा देना है। भगवान राम का नाम हमारे देश के हर कोने में गूंजता रहे, और सभी के लिए शांति और सद्भाव के लिए प्रयास करें। इसी उद्देश्य के साथ यह यात्रा निकाली जा रही है।