उज्जैन-गरोठ फोरलेन के प्रेमनगर ROB की एप्रोच रोड और रिटेनिंग वॉल सात महीने में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई। IIT दिल्ली की जांच में तकनीकी खामियां मिलीं। NHAI ने 400-500 मीटर हिस्सा तोड़कर 10 करोड़ रुपये में दोबारा बनाने के निर्देश दिए।
करीब 2600 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे उज्जैन-गरोठ फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट के निर्माण और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रेमनगर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की एप्रोच रोड और रिटेनिंग वॉल महज सात महीने में दूसरी बार क्षतिग्रस्त होकर ढह गई। मामले में निर्माण एजेंसी के इंजीनियर अमित राय ने सोशल मीडिया पर वायरल फोटो-वीडियो को AI जनरेटेड बताते हुए पुल के धंसने से इनकार किया है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवम शर्मा ने पुल के निर्माण में तकनीकी खामियां सामने आने की बात स्वीकार की है। इसके बाद NHAI ने करीब 400 से 500 मीटर के प्रभावित हिस्से को तोड़कर नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए हैं।
इंजीनियर ने वीडियो को बताया AI जनरेटेड
सात महीने में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुई दीवार
IIT दिल्ली की जांच के बाद NHAI ने लिया फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए NHAI ने 22 अगस्त को IIT दिल्ली के विशेषज्ञों से साइट का तकनीकी निरीक्षण कराया। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवम शर्मा के मुताबिक, तकनीकी जांच में पुल निर्माण से जुड़ी खामियां सामने आई थीं। उन्होंने बताया कि आगामी सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान इस मार्ग पर भारी यातायात रहने की संभावना है। ऐसे में निर्माण में किसी तरह की कमी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करीब 400 से 500 मीटर के प्रभावित हिस्से को तोड़कर नए सिरे से बनाने का निर्णय लिया गया है। शिवम शर्मा के अनुसार, दोबारा निर्माण का खर्च कन्सेशनायर यानी ठेकेदार कंपनी स्वयं उठाएगी। इस काम पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए सिरे से निर्माण पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 रखा गया है।