उज्जैन के खाचरोद नगर में खुदा का नया घर बना है। खुदा के घर में हमें रोजाना आना है और सिर झुकाकर खुदा की इबादत करना है। समाज में हमें मिलजुल कर रहना है। यह संदेश सैफी मस्जिद में मजलिस के बाद हुए प्रवचन में दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने समाजजन को दिए।
सैयदना अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बड़नगर से गाड़ियों के काफिले के साथ सड़क मार्ग से खाचरौद पहुंचे थे। जहां हजारों की संख्या में यहां समाजजन सहित नगरवासियों ने आकामौला का इस्तकबाल किया। समाजजन सैयदना के दीदार कर दोनों हाथ उठाकर उनका स्वागत करते नजर आए।
इस दौरान लोगों की आंखें भी खुशियों से छलक उठी। मौला के ठहरने के लिए जो निवास स्थान बनाया गया था, वे वहां लिफ्ट से पहुंचे। लिफ्ट मकान के बाहर ही कांच से निर्मित पारदर्शी बनाई गई थी। मौला ने लिफ्ट से ही समाजजन और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन अपने परंपरागत अंदाज मे आशीर्वाद देते हुए स्वीकार किया। जिसके बाद आपने सैफी मस्जिद में मजलिस और प्रवचन के बाद ईमादी मस्जिद एवं मदरसा का उद्घाटन किया।