लोकसभा चुनाव को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहा चुनावी रथ सत्ता का संग्राम धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचा। जहां उन्होंने टावर चौक फ्रीगंज पर उज्जैन आलोट लोकसभा सीट को लेकर चुनावी मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया और कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार के कार्यों को लेकर तो चर्चा की ही साथ ही भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजसेवियों से यह भी जानने का प्रयास किया कि उज्जैन में आखिर इस चुनाव में कौन से मुद्दे हावी हैं, जिस पर इस बार जनता मतदान करेगी।
वरिष्ठ पत्रकार अभिलाषा पाठक ने जब भाजपा के मंगेश श्रीवास्तव, प्रिंस लोदवाल से चर्चा की तो उनका साफतौर पर कहना था कि हमारी पार्टी ने भगवान श्री राम का मंदिर बनाया है तो आखिर भगवान श्री राम के नाम पर वोट मांगने से क्या दिक्कत है। आगे मथुरा हो या काशी यहां भी हमारे पूजनीय भगवान विराजमान होंगे और हम इस पर भी वोट मांगेंगे। इसके साथ ही आपने भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाई जा रही जनहितैषी नीतियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर जनता को पूरा भरोसा होने की बात कही और बताया कि इस बार भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया 5 लाख वोटो से जीतेंगे।
जबकि कांग्रेस पार्टी की ओर से मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी प्रदेश सचिव समर सिंह और युवा नेता संचित शर्मा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी मुद्दों की बात नहीं करती है। आज भले ही कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हो। लेकिन जो भी हो रहा है, वह दबाव की राजनीति के कारण हो रहा है। कांग्रेस के लोगों पर इतना अधिक प्रेशर है कि किसी को प्रतिष्ठान बंद करने के नाम पर डराया जा रहा है तो किसी के पुराने मामलों को फिर से उठाने का षड्यंत्र भारतीय जनता पार्टी कर रही है।
आप पार्टी के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने इस दौरान कहा कि भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही पार्टियों मुद्दे की बात नहीं करती है। भाजपा के पास ईडी और सीबीआई ऐसा हथियार है, जिसका उपयोग वह चुनाव में कर रही है। माझी समाज के प्रदेश अध्यक्ष राकेश वर्मा ने इस बहस के दौरान कहा कि दोनों ही पार्टियां आरक्षण की बात तो करती हैं। लेकिन इन लोगों के द्वारा हमारे समाज के साथ हमेशा छलावा ही किया है। इस चुनावी बहस के दौरान आम जनता का रुझान यही सामने आया कि जो काम करेगा हम उसी के साथ रहेंगे।