महिदपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आर्य को चुनाव जिताने का संकल्प लिया।
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मध्य प्रदेश चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशियों की लिस्ट का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा ने महिदपुर विधानसभा क्षेत्र से पांचवीं बार बहादुरसिंह चौहान को प्रत्याशी बनाया है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी से ही जिला पंचायत सदस्य प्रतापसिंह आर्य ने महिदपुर को चौहान के भय से मुक्त करवाने के लिए निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। वह जनसंपर्क की शुरुआत भी कर चुके हैं। आने वाले दिनो मे अच्छा मुहूर्त देखकर निर्दलीय नामांकन भी दाखिल करेंगे।
निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे महिदपुर से चुनाव लड़ने का मन बना चुके प्रतापसिंह आर्य ने कहा कि पूरे विधानसभा क्षेत्र मे भाजपा प्रत्याशी बहादुरसिंह चौहान की गुंडागर्दी किसी से छिपी नहीं है। लोगों के खिलाफ फर्जी FIR दर्ज करवाना, विधानसभा में व्यापारियो से संबंधित प्रश्न लगाना और शासन-प्रशासन के माध्यम से लोगों को परेशान करने वाले चौहान को पार्टी ने आखिर पांचवीं बार कैसे उम्मीदवार बनाया, इसे लेकर अब शीर्ष नेतृत्व पर ही प्रश्न चिन्ह उठने लगे हैं। यह वही विधायक हैं जिनके ऑडियो-वीडियो अभी वायरल हो रहे हैं। इसमें वह अपने आपको पार्टी का मालिक बताते हैं। टिकट न देने पर चार विधानसभा में पार्टी की हार होने की बात कहते हैं लेकिन इन सब बातों को दरकिनार कर विचारों और संस्कारों की पार्टी भाजपा ने क्षेत्र से उम्मीदवारी जताने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों पर भरोसा जताने की बजाय फिर बहादुर सिंह चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। प्रताप सिंह आर्य बताते हैं कि मैंने क्षेत्र की जनता को बहादुरसिंह चौहान के भय से मुक्त करवाने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। इस चुनाव में मैं जनता का उम्मीदवार बनकर चुनावी मैदान में उतरा हूं और उन्हीं के आशीर्वाद से विजयी भी हो जाउंगा।
जन-आशीर्वाद यात्रा में भी हुआ था विरोध
एक माह पूर्व प्रदेश भर में निकाली गई जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान महिदपुर विधानसभा क्षेत्र मे यह नारे गूंजे थे कि "पार्टी से कोई बैर नहीं, बहादुर तेरी खैर नहीं"। इसके माध्यम से लोगों ने यह बताने का प्रयास किया था कि हम भारतीय जनता पार्टी के साथ तो हैं लेकिन बहादुरसिंह चौहान के साथ नहीं। क्षेत्र के लोगों के इस विरोध के बावजूद भी पार्टी ने बहादुरसिंह चौहान को फिर उम्मीदवार बनाया है। यह इस बात को दर्शाता है कि पार्टी को जनता के विरोध से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो जनता को अपना उम्मीदवार थोप रही है क्योंकि बहादुरसिंह चौहान जनता की पसंद बिल्कुल भी नहीं है।
आधा दर्जन उम्मीदवार लेकिन फिर भी चौहान प्रत्याशी
महिदपुर विधानसभा मे पार्टी के पास बहादुरसिंह चौहान के अलावा कई अन्य नाम चर्चा में थे। चौहान के अलावा प्रताप सिंह आर्य, भगवती प्रसाद जोशी, मदन सांखला, बहादुरसिंह बोरमुंडला, केशरसिंह पटेल, रामचंद्र आंजना, हाकमसिंह पटेल, उमराव सिंह चौहान, कैलाश गट्टानी ने भी इस सीट के लिए उम्मीदवारी प्रस्तुत की थी। पार्टी ने इन सभी लोगो को दरकिनार कर फिर बहादुरसिंह चौहान पर भरोसा जताया है।