विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के आसपास आज कुछ अलग ही नजारा दिखाई दिया। एक और भारतीय वायु सेना का हेलीकॉप्टर महाकाल मंदिर पर पहुंचा तो दूसरी और हेलीकॉप्टर में बैठे कमांडो हथियारों से लेस होकर महाकाल मंदिर के परिसर में पहुंचे और उन आतंकियों को पकड़ने का प्रयास किया, जो कि मंदिर में दहशत और आतंक फैलाने की मंशा मंदिर मे जा घुसे थे।
सोमवार रात को विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में एनएसजी कमांडों ने महाकाल मंदिर में आतंकी हमले से सुरक्षा की मॉकड्रिल की। इस दौरान नो फ्लाइंग जोन में भारतीय वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर पहुंचा। इसमें से कमांडो महाकाल मंदिर परिसर में उतरे और आतंकियों को चेतावनी देते नजर आए। यहां कमांडो न सिर्फ महाकाल मंदिर में घुसे आतंकियों को पकड़ा बल्कि उन श्रद्धालुओं को भी आतंकियों से मुक्त करवाया जिन्हें इन आतंकियों ने पकड़ रखा था। रात को हुई मॉक ड्रिल के कारण वैसे तो शहर वासियों को इस मॉक ड्रिल की ज्यादा जानकारी नहीं लग पाई, लेकिन महाकाल मंदिर परिसर के आसपास रहने वाले लोग अचानक रात्रि के समय हेलीकॉप्टर आने से जरूर घबरा गए। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था लेकिन धीरे-धीरे उन्हें पता चला कि यह तो सुरक्षा की दृष्टि से की जाने वाली मॉक ड्रिल है कोई असली घटना नहीं।
उज्जैन में मॉकड्रिल होने का यह है कारण
उज्जैन में एनएसजी की मॉकड्रिल होने के पीछे सूत्रों का कहना है महाकाल लोक का उद्घाटन होने के बाद बाबा महाकाल की इस नगरी में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्रतिदिन बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु देश विदेश से उज्जैन में पहुंच रहे है। यही संख्या शुक्रवार से सोमवार के बीच बढ़कर दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं तक पहुंच जाती है। हाल ही में श्रावण व अधिकमास के दौरान लगभग ढाई करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन लाभ लेने उज्जैन पहुंचे थे। इन्हीं सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर महाकाल मंदिर में इस प्रकार की मॉकड्रिल करवाई गई है।