फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP Election 2023: घटिया विधानसभा में 46 वर्षों में छह बार जीती भाजपा, चार बार कांग्रेस ने जीता रण

Thu, 21 Sep 2023 02:54 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

MP Election 2023: घटिया विधानसभा के जातिगत समीकरणों की बात की जाए तो इस विधानसभा में बलाई समाज, रविदास समाज, आंजना समाज, गुर्जर, बंजारा और राजपूत समाज के मतदाताओं की अधिकता के कारण यह समाज चुनाव में निर्णायक की भूमिका निभाते हैं। 
विज्ञापन
कलिया देह महल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उज्जैन जिले में एक ऐसी विधानसभा है, जहां लगभग 46 वर्षों में अब तक मतदाताओं ने छह बार भारतीय जनता पार्टी तो चार बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को अपना जनसेवक चुना है, लेकिन इन वर्षों में कभी ऐसा नहीं हुआ कि मतदाताओं ने किसी निर्दलीय प्रत्याशी पर भरोसा जताकर उसे क्षेत्र से विधानसभा में पहुंचाया हो। हम बात कर रहे हैं घटिया विधानसभा क्षेत्र की जो कि 215 क्रमांक पर आती है। यह सीट अनूसुचित जाति के लिए आरक्षित है। इस विधानसभा को वैसे तो भाजपा का गढ़ माना जाता है लेकिन 25 वर्षों पूर्व जब क्षेत्र से कांग्रेस ने रामलाल मालवीय को अपना उम्मीदवार बनाया तो लगभग तीन विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई और वर्तमान में भी रामलाल मालवीय ही कांग्रेस पार्टी की ओर से घटिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इस विधानसभा को लेकर यदि 21 जुलाई 2023 तक प्रशासनिक आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलेगा कि यहां कुल 279 पोलिंग बूथ है। जहां के कुल मतदाता 2,18,313 हैं। इन मतदाताओं में पुरुषों की संख्या 1,11,403  व महिला मतदाताओं की संख्या 1,06,905 है, व थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या कुल पांच है। जातिगत समीकरणों की बात की जाए तो इस विधानसभा में बलाई समाज, रविदास समाज, आंजना समाज, गुर्जर, बंजारा और राजपूत समाज के मतदाताओं की अधिकता के कारण यह समाज चुनाव में निर्णायक की भूमिका निभाते हैं। 
विज्ञापन


यह है विधानसभा की पहचान 
घटिया विधानसभा की बात की जाए तो यह क्षेत्र धार्मिक स्थलों से जुड़ा हुआ है, जिसकी परिसीमा कई विधानसभाओं से जुड़ी हुई है। क्षेत्र में कालियादेह महल, गंभीर डेम, लव खेड़ी सरकार मंदिर के साथ ही कई ऐसे क्षेत्र हैं जो कि लोगों को अपनी और आकर्षित करते हैं। बताया जाता है कि क्षेत्रफल की दृष्टि से यह विधानसभा प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा कहलाती है, क्योंकि इस विधानसभा के अंतर्गत कुल 315 गांव आते हैं। राजनैतिक विश्लेषक बताते हैं कि घटिया विधानसभा एक ऐसा क्षेत्र है जो कि घटिया जनपद के साथ उज्जैन जनपद और खाचरोद जनपद बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उज्जैन की जनपद में घटिया विधानसभा के लगभग आधा दर्जन से अधिक वोट हैं। यही स्थिति खाचरोद की भी है जिसमें घटिया जनपद के सदस्यों की वोटिंग को अहम माना जाता है। 

कई विधानसभाओं से संबंध रखती है घटिया विधानसभा 
इस विधानसभा में इंदिरा नगर क्षेत्र के आगे मंगलनाथ मार्ग जहां उज्जैन उत्तर की परिसीमा से जुड़ा हुआ है, तो वहीं दक्षिण विधानसभा के चिंतामन मार्ग से जुड़े कई गांव घटिया विधानसभा से लगे हुए हैं। यही नहीं नईखेड़ी से जुड़ा क्षेत्र जहां सांवेर विधानसभा के अंतर्गत आता है, तो वहीं नरवर के पास का कुछ क्षेत्र देवास विधानसभा को भी छूता है। इन सबके साथ ही नागदा क्षेत्र की विधानसभा का कुछ अंश घटिया में क्षेत्रफल के आधार पर दिखाई देता है तो वहीं बड़नगर मार्ग पर भी इस विधानसभा का फैलाव नजर आता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

गंभीर डैम - फोटो : अमर उजाला
कभी 2111 तो कभी 17,369 वोटों से हुआ हार जीत का फैसला
घटिया विधानसभा के तीन बार के चुनावी परिणामों पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलेगा कि 2008 में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल मालवीय को 45,349 मत प्राप्त हुए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रभुलाल जटवा को 43,238 मत प्राप्त हुए इस चुनाव में कुल नौ प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे, जिसमें जीत हार का फैसला महज 2,111 मतों से हुआ था। 

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतीश मालवीय को 74,092 मत प्राप्त हुए थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल मालवीय को 56,723 मत प्राप्त हुए थे। इस चुनाव में भी 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे, जिसमें जीत हार का फैसला 17,369 मतों से हुआ था। 2018 में कांग्रेस ने यहां से रामलाल मालवीय को अपना प्रत्याशी बनाया, जिन्हें 79,639 मत प्राप्त हुए जबकि भाजपा प्रत्याशी अजीत बोरासी को 75,011 मत प्राप्त हुए थे। इस चुनाव में भी नौ प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे, जिसमें 4,628 वोटों से जीत हार का फैसला हुआ था। 

अब तक यह रहे है क्षेत्र से विधायक 
घटिया विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1977 में गंगाराम परमार जनता पार्टी, 1980 में नागूलाल मालवीय भारतीय जनता पार्टी, 1985 में अवंतिका प्रसाद मर्मत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, 1990 में रामेश्वर अखण्ड भारतीय जनता पार्टी, 1995 में रामेश्वर अखण्ड भारतीय जनता पार्टी, 1998 में रामलाल मालवीय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, 2003 में डॉ. नारायण परमार भारतीय जनता पार्टी, 2008 में रामलाल मालवीय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, 2013 में सतीश मालवीय भारतीय जनता पार्टी, 2018 में रामलाल मालवीय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से विजयी हुए जो की वर्तमान में विधायक हैं।

रिपोर्टः उज्जैन से नीलेश नागर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें