जानकारी के अनुसार मंदिर के पुजारी संजीव आरती कर रहे थे। इस दौरान किसी ने पीछे से पुजारी पर गुलाल डाला जो दीपक पर गिरा और इसके आग भड़क गई। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि गुलाल में कोई केमिकल था, जिससे आग भड़क गई। इसके बाद गर्भगृह में लगे फ्लैक्स में भी आग लग गई। यह फ्लैक्स गर्भगृह में लगी चांदी की परत को रंग-और गुलाल से बचाने के लिए लगाए गए थे। आग भड़ते देख कुछ लोगों ने फायर एक्सटिंग्विशर से उस पर काबू पर पाया। लेकिन, तब तक गर्भगृह में मौजूद 13 लोग झुलस गए। इसमें पुजारी संजीव, विकास, मनोज, सेवाधारी आनंद, कमल जोशी समेत अन्य लोग शामिल हैं।
कमेटी करेगी जांच
उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। कोई भी गंभीर नहीं है। सभी स्टेबल हैं। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन घटना की जांच करेंगे। तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट दी सौंपी जाएगी।
हादसे के समय मंदिर में था सीएम का बेटा
हादसे में समय मंदिर में हजारों लोग मौजूद थे, जो बाबा महाकाल के साथ होली खेल रहे थे। मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे वैभव यादव भी हादसे के समय मंदिर में ही थे। बाबा महाकाल की कृपा रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
यह हुए घायल
हादसे में भस्मारती के मुख्य पुजारी संजय गुरु, विकास पुजारी, अंश पुरोहित, सेवक महेश शर्मा, चिंतामन गेहलोत, कमल जोशी, सत्यनारायण सोनी, रमेश, शुभम, विकास, मनोज शर्मा, सोनू राठौर, राजकुमार बैस, मंगल समेत 13 सेवक और पुजारी झुलस गए हैं। इनमें से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है।