हाईकोर्ट के फैसले के बाद जनपद पंचायत में हुई चुनावी प्रक्रिया में बीजेपी की भंवरबाई चौधरी को सभी ने निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया। सुबह नामांकन जमा करने का समय 10:45 से 11:30 बजे तक रखा था, लेकिन समय निकल जाने के बाद भी चार कांग्रेस समर्थित सदस्य वोट देने नहीं पहुंचे। उसके बाद 21 सदस्यों ने बीजेपी की उम्मीदवार भंवरबाई चौधरी को सर्वसम्मति से जनपद अध्यक्ष चुन लिया।
ढाई साल पहले कांग्रेस की विंध्या पंवार बनी थीं अध्यक्ष
ढाई साल पहले उज्जैन जनपद पंचायत में हुए चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित की संख्या कम होने के बाद भी अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस समर्थित पिपलोदा द्वारकाधीश की विंध्या देवेंद्रसिंह पंवार अध्यक्ष और दताना के नासीर पटेल उपाध्यक्ष चुन लिए गए थे। जनपद में 25 वोटर में 13 बीजेपी के पास होने के बाद भी बीजेपी के सदस्य वोटिंग नहीं कर पाए थे। जिसके बाद प्रशासन ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को विजय घोषित कर दिया था। जिसके बाद तत्कालीन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद मामला हाईकोर्ट गया जहां पर कोर्ट ने दोबारा चुनाव कराने का फैसला सुनाया। जिसके बाद मंगलवार को हुई चुनाव प्रक्रिया में 25 मे से कुल 21 वोटर ही वोट देने के लिए पहुंचे।
चुनाव पर कोर्ट ने लगाई थी रोक
उज्जैन जनपद पंचायत में कुल 25 वार्ड है। पिछले चुनाव के दौरान इनमें से 13 वार्ड में भाजपा समर्थित और 12 में कांग्रेस समर्थित सदस्य चुनाव जीते थे। इसके बाद जुलाई 2022 में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव हुए थे, तब ये चुनाव इसलिए चर्चाओं में रहा था, क्योंकि बहुमत होने के बावजूद भाजपा की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी भंवरबाई को हार का सामना करना पड़ा था। उज्जैन जनपद में 28 जुलाई 2022 को जनपद अध्यक्ष पद को लेकर हुए चुनाव पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी।