दो साल पहले फ्रीगंज में चिटफंड कंपनी का कार्यालय खोलकर कई लोगों से लाखों रुपये जमा करने के बाद कंपनी का डायरेक्टर और एजेंट फरार हो गए थे। शनिवार को नीलगंगा टीआई को सांवेर में फरार डायरेक्टर भुट्टे बेचते मिला। उसे वहीं से गिरफ्तार कर उज्जैन ले आए।
नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि भगत सिंह मार्ग जयसिंहपुरा निवासी लालजीराम अजमेरा ने गत वर्ष 30 मार्च को शिकायत दर्ज कर बताया था कि सनशाईन टॉवर में देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस खोला गया था। यहां के डायरेक्टर मुकेश पिता रामचंदर परमार ने उसे नई पॉलिसी पर अधिक ब्याज दिए जाने का लालच देकर तीन लाख से अधिक रुपये जमा करा लिए थे। इसके अलावा अन्य कई लोगों से भी इसी तरह रुपये वसूले गए थे। जब रुपये देने की बात आई तो आरोपी कार्यालय पर ताला डालकर फरार हो गया था।
इसी तरह का ऑफिस आरोपियों ने दीनदयाल कॉप्लेक्स में होने की बात भी कही थी, लेकिन वहां भी ताला मिला था। इसके बाद 30 मार्च को उसने नीलगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बाद पुलिस को पता चला था कि इस ठगी की वारदात में सांवेर और आष्टा के लोग शामिल हैं। पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
शनिवार को नीलगंगा टीआई कुरील को जानकारी मिली कि ठगी का आरोपी मुकेश सांवेर बाईपास पर भुट्टे बेच रहा है। इस सूचना के बाद टीआई सांवेर पहुंचे और सिविल ड्रेस में ग्राहक बनकर उसकी दुकान पर भुट्टा खरीदने गए। आरोपी की पहचान करने के बाद उसे वहीं से गिरफ्तार कर अपने साथ उज्जैन ले आए। पूछताछ में बताया कि उसके दो साथी आष्टा और में बड़वाह में रहते हैं और लोगों से ठगे गए रुपये तीनों ने मिलकर खर्च कर दिए हैं। आरोपी मुकेश के बताए अनुसार पुलिस की टीम आष्टा और बड़वाह के लिए रवाना कर दी गई है।