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फैसला: उधार के पैसों पर हुआ था खून-खराबा, उज्जैन में पीछे से सिर पर गोली मारने वाले दोषी को उम्रकैद

Sun, 04 Oct 2026 11:19 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन की विशेष एससी/एसटी अदालत ने पैसों के लेन-देन के विवाद में लखन राठौर की गोली मारकर हत्या करने वाले रवि उर्फ शुभम सिसोदिया को दोषी ठहराया। अदालत ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। आयुध अधिनियम के तहत भी तीन-तीन साल की सजा दी गई।
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उज्जैन कोर्ट का फैसला
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विस्तार
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विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) उज्जैन के विशेष न्यायाधीश अरविंद प्रताप सिंह चौहान ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पैसों के लेन-देन के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी रवि उर्फ शुभम सिसोदिया को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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उपसंचालक अभियोजन राजेंद्र कुमार खाण्डेगर एवं विशेष लोक अभियोजक ईश्वर सिंह केलकर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार घटना 2 मार्च 2022 की है। मृतक लखन राठौर ने बासु नामक व्यक्ति से 25,000 उधार लिए थे, जबकि आरोपी रवि ठाकुर (शुभम सिसोदिया) ने लखन से 37,000 उधार ले रखे थे। 2 मार्च की रात लगभग 9 बजे रवि ठाकुर लखन के घर पहुंचा और कहा कि बासु ने अपने 25,000 मांगे हैं। इस पर लखन ने कहा कि जो 37,000 रवि को देने हैं, उसी में से 25,000 बासु को चुकता कर दे। रवि ने पैसे देने से इनकार कर दिया और अगले दिन मिलने की बात कहकर चला गया।

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अगले दिन, 3 मार्च 2022 की सुबह लखन अपने भाई रवि को साथ लेकर डी-मार्ट के पीछे केशव मेन्स पार्लर के पास पहुंचा। वहां दोनों के बीच बहस हुई। जैसे ही लखन वापस जाने के लिए मुड़ा, आरोपी रवि ठाकुर ने अपनी कमर से पिस्टल निकालकर लखन के सिर पर पीछे से गोली मार दी। गोली लगते ही लखन लहूलुहान होकर गिर पड़ा और आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद पंकज चौहान और किशन सहित अन्य लोगों की मदद से लखन को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। शिकायत पर थाना नागझिरी में पुलिस ने जानलेवा हमले (धारा 307), जातिसूचक अपमान और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत देहाती नालसी दर्ज की। हालांकि, इलाज के दौरान लखन की मृत्यु हो जाने पर मामले में धारा 302 (हत्या) बढ़ाई गई। थाना नागझिरी पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा तैयार किया, साक्षियों के कथन दर्ज किए। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल देशी पिस्टल बरामद की। जांच पूर्ण कर चालान अदालत में पेश किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ईश्वर सिंह केलकर ने मजबूती से पक्ष रखा। माननीय न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट और अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी रवि उर्फ शुभम सिसोदिया को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।

इन धाराओं में दी गई सजा
• धारा 302 भादवि (हत्या): आजीवन कारावास एवं अर्थदंड।
• धारा 25 (1-ख) (क) आयुध अधिनियम: 03 वर्ष का कारावास।
• धारा 27 (1) आयुध अधिनियम: 03 वर्ष का कारावास।
• कुल अर्थदंड: 7,000/- (दंडित)।

 

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