कल शनेश्चरी अमावस्या है। मध्यप्रदेश के उज्जैन में अमावस्या के स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने स्नान घाटों पर स्नान, सफाई व सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। शनि मंदिरों में पूजन के बाद शिप्रा नदी में स्नान के लिए जाएंगे। लोग इस दिन जूते-चप्पलें व कपड़ों का दान भी करते हैं और घाट पर छोड़कर चले जाते हैं। इस बार इन सामग्रियों को उज्जैन प्रशासन नीलाम करेगा।
दरअसल 4 दिसंबर को शनेश्चरी अमावस्या है। शनि देव के पूजन और दान-पुण्य के लिहाज से इस अमावस्या को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन तीर्थ क्षेत्रों में पवित्र नदियों, सरोवरों में स्नान की परंपरा है। उज्जैन में शिप्रा नदी में लोग स्नान के लिए पहुंचेंगे। मौसम के तीखे तेवर और बढ़ती ठंड को देख कई लोग शुक्रवार शाम को ही उज्जैन पहुंच गए। प्रशासन ने स्नान को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। घाटों पर साफ सफाई से लेकर सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
उज्जैन में स्नान के साथ ही लोग शनि मंदिरों में दर्शन के लिए भी जाएंगे। खासकर त्रिवेणी, शनि मंदिर व नवग्रह मंदिर में भीड़ रहेगी। त्रिवेणी घाट पर ही स्नान के बाद जूते चप्पल और वस्त्र दान करेंगे। प्रशासन इस बार इन सामग्रियों को नीलाम करवाएगा। इसके लिए भी कलेक्टर ने अमले को निर्देश दिए हैं।
स्नान के लिए लगाए जाएंगे फव्वारे
कलेक्टर आशीष सिंह ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बरसती फुहारों के बीच वे छाता लेकर घाटों पर पहुंचे और अधीनस्थ अमले को पर्याप्त व उचित व्यवस्था के लिए निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व घाटों की सफाई को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। कलेक्टर का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में लाइटिंग, पानी, शौचालय, बेरिकेटिंग, अलाव पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। भीड़ को देखते हुए पार्किंग व यातायात नियंत्रण के इंतजाम किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शिप्रा में स्वच्छ पानी में स्नान के लिए इंदौर से आने वाली कान्ह नदी के पानी को मिट्टी का डैम बनाकर रोका गया है। स्नान के लिए फव्वारे भी लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नदी में नाव की व्यवस्था रहेगी और तैराक भी रहेंगे। अमावस्या पर श्रद्धालु रामघाट, सिद्धवट व मंगलनाथ जाते हैं जिसके चलते इन स्थानों पर भी व्यवस्था की जाएगी। रामघाट और सिद्धवट घाट पर विशेष इंतजाम रहेंगे।
नहीं आया प्रतिबंधात्मक आदेश
अभी तक कोरोना संबंधी प्रतिबंधों को लेकर कोई सख्ती का आदेश नहीं आया है। दो साल से कोरोना के चलते श्रद्धालु पर्व स्नान नहीं कर पा रहे थे। इस बार भी कोरोना को लेकर मन में आशंका है कि सरकार कोई प्रतिबंध न लगा दे लेकिन फिलहाल इस तरह का कोई आदेश नहीं आया है। इसके चलते प्रशासन मान रहा है कि हजारों की संख्या में लोग उज्जैन पहुंचेंगे। हालांकि प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु मास्क जरूर लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।