शिप्रा शुद्धिकरण के लिए संतों के आंदोलन के बाद अब कांग्रेस नेत्री नूरी खान ने भी मोर्चा खोल दिया है। नूरी ने जल सत्याग्रह की चेतावनी दी है। शिप्रा नदी में चार फीट गहरे पानी में खड़े होकर नूरी ने प्रदर्शन करने की बात कही है। गुरुवार से ये जल सत्याग्रह शुरू होगा।
दरअसल शिप्रा नदी की शुद्धिकरण की मांग को लेकर संत समाज बीते कई समय से आंदोलन कर रहा है। कुछ दिन पहले संतों ने धरना प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन को आड़े हाथ लिया था। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था, लेकिन हालात सुधरते नहीं देख संत समाज ने फिर से चेतावनी दी है। 14 जनवरी को त्रिवेणी घाट पर स्नान के लिए पानी शुद्ध मिले इसके लिए कान्ह नदी पर मिट्टी का बांध बनाया गया था। रविवार को ये बांध बह गया और कान्ह नदी का प्रदूषित पानी शिप्रा में मिला। इसके बाद संत नाराज हो गए। बांध का निरीक्षण किया और शिप्रा शुद्धिकरण की मांग फिर दोहराई। यह भी कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो शिप्रा नदी में जलसमाधि लेंगे।
नूरी खान करेंगी जल सत्याग्रह
संतों की इस मांग को अब कांग्रेस नेत्री व प्रदेश उपाध्यक्ष नूरी खान का भी समर्थन मिल गया है। खान ने जल सत्याग्रह की चेतावनी दी है। नूरी खान ने कहा कि गुरुवार से वे जल सत्याग्रह की शुरुआत करेंगी। शिप्रा नदी में चार पीट गहरे पानी में खड़े होकर प्रदर्शन करेंगी। संतों में समर्थन में आंदोलन कर रहीं हैं। नूरी ने बताया कि सुबह 10 बजे अपनी कुछ महिला साथियों के साथ शिप्रा नदी के रामघाट पर पहुंचकर जल सत्याग्रह शुरू करेंगी। वे अकेली शिप्रा के प्रदूषित पानी में उतरेंगी और जब तक उज्जैन कलेक्टर या मंत्री मोहन यादव खुद आकर शिप्रा नदी को स्वच्छ और निर्मल करने सहित 16 गंदे नालों और कान्ह नदी का पानी शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के ठोस उपाय नहीं बता देते आंदोलन जारी रखेंगी। गौरतलब है कि नूरी खान पहले भी शिप्रा शुद्धिकरण को लेकर आवाज उठा चुकी है।