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MP: एक तरफ ई-स्कूटी और साइकिल, दूसरी तरफ 100 से 200 गाड़ियों का काफिला; पीएम मोदी के अपील की दिखीं दो तस्वीरें

Tue, 12 May 2026 09:10 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP: प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत अपील के बीच मध्यप्रदेश में दो तस्वीरें दिखीं। न्यायमूर्ति द्वारकाधीश बंसल साइकिल से कोर्ट पहुंचे, मंत्री ई-वाहनों से निकले, जबकि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी सौ गाड़ियों के काफिले के साथ चर्चा में आ गए।

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एमपी से अलग-अलग तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार की जा रही अपीलों के बीच मध्यप्रदेश में मंगलवार को दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आईं। एक तरफ कुछ जनप्रतिनिधि और न्यायपालिका से जुड़े लोग प्रधानमंत्री के संदेश को जमीन पर उतारते दिखाई दिए, तो दूसरी ओर भाजपा विधायक का सैकड़ों वाहनों वाला काफिला चर्चा और सवालों का केंद्र बन गया।

भोपाल में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने सरकारी आवास से मंत्रालय तक इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाकर पहुंचे। वहीं मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह  ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। उधर जबलपुर हाईकोर्ट में पदस्थ न्यायमूर्ति द्वारकाधीश बंसल करीब तीन किलोमीटर का सफर साइकिल से तय कर कोर्ट पहुंचे। इन सभी ने अपने-अपने तरीके से ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की कोशिश की।

लेकिन इसी दौरान शिवपुरी जिले से एक दूसरा दृश्य सामने आया। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी मंगलवार को करीब सौ वाहनों के विशाल काफिले के साथ करेरा स्थित सिद्ध बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे। वहीं दूसरी ओर पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर 200 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पदभार ग्रहण करने पहुंचे। समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। लोग सवाल उठाने लगे कि जब प्रधानमंत्री खुद ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं, तब नेताओं के बड़े-बड़े काफिले क्या संदेश दे रहे हैं। एक तरफ साइकिल, ई-रिक्शा और बैटरी स्कूटी से सादगी और बचत का संदेश दिखा, तो दूसरी तरफ भारी-भरकम काफिला शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक शो ऑफ के रूप में देखा गया। 

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पहला मामला
पाठ्यपुस्तक निगम का अध्यक्ष बनने के बाद सौभाग्य सिंह ठाकुर उज्जैन से समर्थकों के बड़े काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। बताया जा रहा है कि उनके साथ करीब 200 से अधिक वाहन शामिल थे। राजधानी पहुंचने पर उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी की मौजूदगी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। लंबे काफिले की वजह से उज्जैन-भोपाल मार्ग पर कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। भीषण गर्मी के बीच जाम में फंसे यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भोपाल में भाजपा कार्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, डीबी मॉल और अरेरा हिल्स इलाके तक ट्रैफिक का दबाव बना रहा। 

दूसरा मामला
पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी मंगलवार को करीब सौ वाहनों के विशाल काफिले के साथ करेरा स्थित सिद्ध बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे। विधायक समर्थकों ने खुद ही काफिले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए, जिसके बाद ईंधन बचत के संदेश और नेताओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करेरा में विधायक पुत्र से जुड़े चर्चित एक्सीडेंट मामले के बाद यह पहला मौका था, जब प्रीतम लोधी इतने बड़े लवाजमे के साथ क्षेत्र में पहुंचे। राजनीतिक हलकों में इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि विधायक का कहना है कि वे बगीचा सरकार मंदिर में महंत पक्ष और पुजारी पक्ष के बीच चल रहे एकाधिकार विवाद को सुलझाने पहुंचे थे।

तीसरा मामला
हालांकि यहां मामला दूसरा दिखा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस द्वारकाधीश बंसल मंगलवार को साइकिल से कोर्ट पहुंचे। उन्होंने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें लोगों से वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट बेंच में पदस्थ जस्टिस बंसल अपने सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास से करीब तीन किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर कोर्ट पहुंचे। इस दौरान कोर्ट का एक कर्मचारी भी उनके साथ मौजूद था। साइकिल यात्रा के बाद सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में जस्टिस बंसल ने कहा कि उन्होंने आम लोगों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल जनता की नहीं, बल्कि न्यायाधीशों की भी है।

चौथा मामला
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इलेक्ट्रिक स्कूटी से मंत्रालय पहुंचकर अलग पहल की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने भोपाल स्थित शासकीय निवास शिवाजी नगर से ई-स्कूटी चलाकर मंत्रालय पहुंचे। इस दौरान वे राजधानी की सड़कों पर भी इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करते नजर आए। मंत्री के इस कदम को प्रधानमंत्री की अपील से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की अपील के बीच मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह अलग अंदाज में नजर आए। वे भोपाल के अवधपुरी स्थित अपने घर से बैटरी-चलित ई-रिक्शा में बैठकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। उनका यह कदम ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
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