फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

100 करोड़ की ठगी: 2.5 लाख रुपये की सैलरी से संतुष्ट नहीं था रवि, नौकरी छोड़ बना ठग; करा रहा था क्रिकेट लीग

Mon, 11 May 2026 10:50 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इन लोगों ने देशभर के 636 लोगों से 14232 ट्रांजैक्शन में करीब 100 करोड़ की ठगी की। बाद में ठगी की रकम को काम से हिसाब से बांट दिया गया।
 
विज्ञापन
गिरफ्तार ठग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कंप्यूटर इंजीनियर रवि राठौड़ ने कई नामी मल्टी नेशनल कंपनियों में काम कर चुका था। इस पूरी साजिश से पहले वह एक एमएनसी में 2.50 लाख रुपये माह सैलरी की नौकरी कर रहा था। फिर भी वह संतुष्ट नहीं था। इस बीच एक रिश्तेदार के जरिये उसकी मुलाकात सुदामा से हुई। सुदामा ठीक-ठाक पैसे वाला था। उसने रवि राठ़ौड़ को ठगी का पूरा प्लान बताया। वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन बनाने में एक्सपर्ट रवि ने सुदामा और विकास के साथ मिलकर ट्रेड मेकर अल्गो के नाम से एप्लीकेशन व वेबसाइट बनाया।

विज्ञापन

 

इसके बाद सनावद में कॉल सेंटर बनाने के लिए बैंक खातों का सेटअप किया गया। रवि खुद बेंगलुरु में बैठकर वेबसाइट व एप्लीकेशन को चलाने के अलावा उसको अपडेट कर रहा था। इन लोगों ने देशभर के 636 लोगों से 14232 ट्रांजैक्शन में करीब 100 करोड़ की ठगी की। बाद में ठगी की रकम को काम से हिसाब से बांट दिया गया।
विज्ञापन

आरोपी रवि को महंगी गाड़ियां खरीदने के अलावा इंदौर में लग्जरी फ्लैट और प्रॉपर्टी खरीदने का शौक है। वहीं सुदामा ने ठगी की रकम से खंडवा में लोकल क्रिकेट लीग का आयोजन करवा रहा था। आरोपी मध्य प्रदेश टेनिस क्रिकेट लीग में खेल रही सांवरिया किंग्स खंडवा से जुड़ा हुआ है, इस टीम के लिए वह मोटी रकम खर्च करता है। दूसरी ओर विकास ने कई कॉल सेंटर में काम किया है। उसका काम ठगी के कॉल सेंटर को ठीक से चलाना था। लोगों के नंबर और उनकी डिटेल विकास ही उपलब्ध करवाता था। ठगी की रकम को म्यूल बैंक में ठिकाने लगा रहा था। इसके बाद पैसों को मुख्य आरोपियों तक पहुंचाने का काम भी विकास ही कर रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें