इसके बाद सनावद में कॉल सेंटर बनाने के लिए बैंक खातों का सेटअप किया गया। रवि खुद बेंगलुरु में बैठकर वेबसाइट व एप्लीकेशन को चलाने के अलावा उसको अपडेट कर रहा था। इन लोगों ने देशभर के 636 लोगों से 14232 ट्रांजैक्शन में करीब 100 करोड़ की ठगी की। बाद में ठगी की रकम को काम से हिसाब से बांट दिया गया।
आरोपी रवि को महंगी गाड़ियां खरीदने के अलावा इंदौर में लग्जरी फ्लैट और प्रॉपर्टी खरीदने का शौक है। वहीं सुदामा ने ठगी की रकम से खंडवा में लोकल क्रिकेट लीग का आयोजन करवा रहा था। आरोपी मध्य प्रदेश टेनिस क्रिकेट लीग में खेल रही सांवरिया किंग्स खंडवा से जुड़ा हुआ है, इस टीम के लिए वह मोटी रकम खर्च करता है। दूसरी ओर विकास ने कई कॉल सेंटर में काम किया है। उसका काम ठगी के कॉल सेंटर को ठीक से चलाना था। लोगों के नंबर और उनकी डिटेल विकास ही उपलब्ध करवाता था। ठगी की रकम को म्यूल बैंक में ठिकाने लगा रहा था। इसके बाद पैसों को मुख्य आरोपियों तक पहुंचाने का काम भी विकास ही कर रहा था।