हादसे के बाद घायलों को लाया गया अस्पताल।
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जिले के मनपसार गांव में 11 हजाहर केवी लाइन पर दो मजदूर विद्युत लाइन बिछाने का काम कर रहे थे। उसी समय करंट लगने से दो कर्मी घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार टीकमगढ़ जिले के खरगापुर पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले मनपसार गांव में दो मजदूर 11 हजार केवी लाइन पर काम कर रहे थे। उसी दौरान करंट लगने से दोनों की मौत हो गई। हादसा सोमवार की शाम करीब 5:00 बजे के आसपास हुआ। इसके बाद घायलों को लेकर ठेकेदार टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां पर डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
बिना परमिट के काम करने का आरोप
परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि मनपसार गांव में मूंगफली फैक्ट्री के लिए विद्युत लाइन डाली जा रही है। इस प्रोजेक्ट में ये दोनों यह दोनों काम कर रहे थे। दोनों खंभे पर चढ़े हुए थे। इसी दौरान हादसा हो गया। जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बिना परमिट के काम करने का आरोप लगाए। परिजन ने बताया कुछ दिन पहले ही बेरवार का निवासी अरविंद प्रजापति और उसके साथ काम करने वाले टीकमगढ़ जिले के मऊ बुजुर्ग गांव के निवासी मुकेश घोष खंभे पर चढ़कर काम कर रहे थे और एक व्यक्ति नीचे खड़ा खड़ा था। इसी दौरान तार टूटने की घटना हुई, जिसमें दोनों को करंट लगते ही खंभे से नीचे गिर गए। इसके बाद उन्हें टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय गया, जहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल से भागा लाइट ठेकेदार
मृतक के परिजनों का कहना है कि जैसे ही डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित किया विद्युत विभाग का ठेकेदार मौके से दोनों को छोड़कर के भाग गया। मृतक अरविंद के भाई भवानी प्रजापति का कहना है कि जब लाइन पर काम कर रहे थे तो दोनों लाइन का परमिट होना चाहिए था। ठेकेदार की लापरवाही से अरविंद और उसके साथी की जान गई। जल्दबाजी में काम कराया जा रहा था उधर, खरगापुर पुलिस का कहना है कि अभी सूचना मिली है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय से मेमो मिलने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।