टीकमगढ़ जिले में 15 वर्षीय नाबालिग ने अपने रिश्तेदारों पर जबरन विवाह कराने और मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में किशोर ने न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
टीकमगढ़ में माता-पिता को खो चुके 15 वर्षीय नाबालिग ने अब अपने ही रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में किशोर ने आरोप लगाया कि उसकी बुआ और परिवार के अन्य लोगों ने उसे जबरन मंदिर ले जाकर एक विधवा महिला की मांग भरवाई और उसे पति-पत्नी की तरह साथ रहने के लिए दबाव बनाया।
विज्ञापन
विरोध करने पर मानसिक प्रताड़ना देने और जबरन शारीरिक शोषण कराने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। यह पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के खरगापुर पुलिस थाने से सामने आया है
चाइल्ड हेल्पलाइन से नहीं मिली मदद
पीड़ित का कहना है कि उसने अपनी कम उम्र का हवाला देकर बार-बार विरोध किया, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई। उसने बताया कि मामले की शिकायत संबंधित थाने और चाइल्ड हेल्पलाइन पर भी की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब उसने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बुआ दबाव बना रही थी
फिलहाल, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। टीकमगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह का कहना है कि आवेदन आया है और मामले को विवेचना में लिया गया है
मां- बाप को खोने के बाद नाबालिग के के साथ उसकी सगी बुआ ने ही यह कार्य कराया है जो कि कानूनन अपराध है पीड़ित नाबालिग का कहना है कि बुआ का लड़का खत्म हो गया था और उनकी बहू विधवा है उसकी मांग जबरदस्ती भरवा दी और बुआ दबाव बना रही है कि उसे उसी के साथ पति की तरह रहना होगा।