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उज्जैन में बड़ा हादसा टला : महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे हजारों भक्त, मची भगदड़

Tue, 27 Jul 2021 08:35 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थिति महाकाल मंदिर में सोमवार को भगदड़ मच गई, जिसके चलते कई महिलाएं व बच्चे घायल हो गए।
 
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उज्जैन के महाकाल मंदिर में सावन के पहले सोमवार के दिन मची भगदड़ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सावन माह का पहला सोमवार कल यानी 26 जुलाई को था। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए देशभर के विभिन्न मंदिरों में जुटते हैं। ऐसे में सोमवार के दिन उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल के मंदिर में भी दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन जैसे ही मंदिर के कपाट खुले भगदड़ मच गई। गनीमत रही कि इस भगदड़ के चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और किसी की जान नहीं गई। हालांकि, कुछ बच्चों और महिलाओं के घायल होने की बात कही जा रही है।

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धक्कामुक्की ने लिया भगदड़ का रूप
बता दें, धक्कामुक्की के कारण मंदिर में जब भगदड़ मच गई तब कई पुरुष, महिलाएं व बच्चे खुद को संभाल नहीं पाए और यहां-वहां गिरने-पड़ने लगे। दर्शन व्यवस्था को ध्वस्त होता देख मंदिर में तैनात पुलिस के जवानों व सुरक्षा गार्डों ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। गौरतलब है कि इससे पहले भी महाकाल मंदिर में भगदड़ मच चुकी है और इस कारण लोगों की जान तक जा चुकी है। 

महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे सीएम शिवराज
इधर, दर्शन करने के बाद मंदिर से बाहर आए लोगों ने बताया कि भोलेनाथ के आगे मत्था टेकने के लिए कई वीआपी भी आए हुए थे। इनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती समेत कई अन्य वीआईपी मौजूद थे। इनकी मौजूदगी के चलते मंदिर में लोगों की भीड़ और बढ़ गई। हजारों की संख्या में बेकाबू हुई भीड़ को सुरक्षा गार्ड कुछ देर के लिए संभाल न सके और भगदड़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। 
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। वीडियो में भीड़ मंदिर में घुसती दिख रही है। एक लड़की को सुरक्षा गार्ड और जवान भीड़ से बचाते दिख रहे हैं। इस पूरी घटना को लेकर उज्जैन के जिलाधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि बीते सोमवार को हुई घटना अपवाद थी। हम अगले  सोमवार (2 अगस्त) के लिए योजना बनाएंगे और लोगों से शारीरिक दूरी का पालन कराया जाएगा।

कैसे मची भगदड़?
महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए सुबह 6 से 11 बजे तक का समय दर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। ऐसे में बीते सोमवार को गेट नंबर चार से सुबह करीब पांच बजे से ही हजारों भक्त मंदिर की ओर जुटने लगे। ऐसे सुबह के छह बजते ही जैसे ही मंदिर का प्रवेश द्वार खोला गया, लोगों की भीड़ एक साथ मंदिर में प्रवेश करने लगी। इससे गेट पर लगे बैरिकेड्स तक गिर गए। सुरक्षाकर्मी लोगों को जब तक संभाल पाते इससे पहले ही धक्का-मुक्की हो गई और श्रद्धालु जहां-तहां गिरने-पड़ने लगे। काफी देर तक अफरा-तफरी मचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

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