सावन माह का पहला सोमवार कल यानी 26 जुलाई को था। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए देशभर के विभिन्न मंदिरों में जुटते हैं। ऐसे में सोमवार के दिन उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल के मंदिर में भी दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन जैसे ही मंदिर के कपाट खुले भगदड़ मच गई। गनीमत रही कि इस भगदड़ के चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और किसी की जान नहीं गई। हालांकि, कुछ बच्चों और महिलाओं के घायल होने की बात कही जा रही है।
कैसे मची भगदड़?
महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए सुबह 6 से 11 बजे तक का समय दर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। ऐसे में बीते सोमवार को गेट नंबर चार से सुबह करीब पांच बजे से ही हजारों भक्त मंदिर की ओर जुटने लगे। ऐसे सुबह के छह बजते ही जैसे ही मंदिर का प्रवेश द्वार खोला गया, लोगों की भीड़ एक साथ मंदिर में प्रवेश करने लगी। इससे गेट पर लगे बैरिकेड्स तक गिर गए। सुरक्षाकर्मी लोगों को जब तक संभाल पाते इससे पहले ही धक्का-मुक्की हो गई और श्रद्धालु जहां-तहां गिरने-पड़ने लगे। काफी देर तक अफरा-तफरी मचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।