सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कैमरों से होगी बाघों की निगरानी
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बाघों का घर कहलाने वाले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में खुफिया कैमरों से बाघों पर नजर रखी जाएगी। एसटीआर ने बाघों की गणना करने के लिए जंगल में कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया है। अप्रैल तक कैमरों से टाइगर ट्रिपिंग की जाएगी। इसके बाद सतपुड़ा में कितने बाघ हैं इसका सटीक आंकड़ा निकल आएगा।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि 2133 वर्ग किलोमीटर में फैले एसटीआर के जंगलों में टाइगरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बाघों की संख्या निकालने के लिए 10 फरवरी से कैमरा ट्रिपिंग का कार्य शुरू किया है। इसके तहत अभी तक लगभग 300 कैमरे लग चुके हैं। इन कैमरों के सामने से बाघ के निकलते ही उसकी फोटो कैद हो जाएगी। अप्रैल 2022 में लगाये गए कैमरों से फोटो निकालने का काम शुरू होगा। सभी फोटो कलेक्ट करने के बाद उसमें से टाइगर की संख्या निकली जाएगी।
पेड़ों के तनों में लगाए जा रहे कैमरे
नर्मदापुरम से बैतूल छिंदवाड़ा की सीमाओं तक फैले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों को ट्रेस करने के लिए जगह-जगह पेड़ों के तनों में कैमरे लगाए जा रहे हैं। हाई क्वालिटी के इन कैमरों में दिन हो या रात टाइगर के रेंज में आते ही फोटो क्लिक हो जाएगी।
बाघों के चहलकदमी के लिए बन रहा मैदान
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों की चहलकदमी के भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यहां जंगल के अंदर बसे ग्रामों को विस्थापित कर बाघों की तफरी के जगह बनाई जा रही है। विस्थापित किए गए ग्रामीणों को शहर के पसन्या गांव में बसाकर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है।