पुलिस ने गिरोह की मास्टरमाइंड महिला को गिरफ्तार किया है। (सांकेतिक फोटो)
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छतरपुर में समाज सेविका बनकर भोली-भाली लड़कियों को शादी का झांसा देकर वेश्यावृत्ति करने के लिए तस्करी कर बेचने वाली गिरोह की मास्टरमाइंड सरगना महिला को गिरफ्तार करने का मामला सामने आया है। महिला समाज सेविका बनकर भोली-भाली लड़कियों को फंसाती थी।
गौरतलब है कि छतरपुर पुलिस के द्वारा 2 माह पूर्व बच्चियों की तस्करी करने वाले 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर गिरोह का भंडाफोड़ किया था , तभी से मास्टरमाइंड महिला सरगना फ़रारा चल रही थी। महिला भेष बदलकर कई दिनों से पुलिस को चकमा दे रही थी।
गिरफ्तार कर भेजा जेल
बता दें कि गिरोह की मास्टरमाइंड मुखिया सुलेखा बर्मन पति अशोक बर्मन निवासी जबलपुर गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के बाद से फरार चल रही थी। वह पुलिस से बचने के लिए जबलपुर और उसके आसपास की जगहों पर अपने ठिकाने बदल रही थी। मास्टरमाइंड महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के द्वारा निर्देशित किया गया। इस पर थाना प्रभारी मातगुआं उप निरीक्षक सिद्धार्थ शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम के द्वारा गिरोह की मास्टरमाइंड मुखिया सुरेखा बर्मन पति अशोक बर्मन निवासी जबलपुर को को बलदेव बाग जबलपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपराध को स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
बच्चियों की तस्करी करने वाले गिरोह की मास्टरमाइंड मुखिया की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी मातगुआं उपनिरीक्षक सिद्धार्थ शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मनमोहन मार्को, प्रधान आरक्षक राममिलन, आरक्षक अंकित सोनी,सतीश यादव, पंकज यादव, कुलदीप, जुबेर महिला आरक्षक संयोगिता नायक, मंजू पटेरिया, ज्योति साइबर सेल से प्रधान आरक्षक किशोर रैकवार, संदीप तोमर, धर्मराज पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।