फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Singrauli News: राजस्व मामलों में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन, पटवारी निलंबित, दो तहसीलदारों को नोटिस

Wed, 18 Feb 2026 07:53 PM IST
सिंगरौली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली

सार

राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने की शिकायतों पर सिंगरौली कलेक्टर ने अचानक तहसील का निरीक्षण किया। जांच में लापरवाही सामने आने पर एक पटवारी सस्पेंड और दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस मिला है।
विज्ञापन
राजस्व विभाग में लापरवाही बरतने पर पटवारी निलंबित - फोटो : credit
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले में राजस्व मामलों में लापरवाही पर कलेक्टर गौरव बैनल ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर ने बरगवां तहसील का औचक निरीक्षण किया और एक पटवारी को निलंबित करने के साथ ही दो प्रभारी तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन


ग्रामीणों की ओर से राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने और समय-सीमा में निपटारा न होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर बिना पूर्व सूचना के तहसील कार्यालय पहुंचे। अचानक हुए निरीक्षण से राजस्व अमले में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने मौके पर ही नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और नक्शा सुधार से संबंधित फाइलें तलब कर एक-एक प्रकरण की समीक्षा की।

जांच में पाया गया कि कई मामले महीनों से लंबित पड़े हैं और निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं किया गया। कुछ फाइलों में सुनवाई की तारीख तक दर्ज नहीं थी और कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं हुई थी। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही और उदासीनता माना।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Indore News: महिला उद्यमियों ने बजट 2026 को बताया विकसित मप्र का रोडमैप

सबसे गंभीर मामला एक पटवारी से जुड़ा पाया गया, जिस पर राजस्व प्रकरणों को जान-बूझकर लंबित रखने और हितग्राहियों को परेशान करने के आरोप सामने आए। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।

इसके साथ ही बरगवां के प्रभारी तहसीलदार नागेश्वर पनिका और बड़ोखर के प्रभारी तहसीलदार दिनेश पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि उन्होंने राजस्व प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की और अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखा। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन


कलेक्टर ने अन्य कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि राजस्व विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा है और जमीन से संबंधित मामलों में देरी विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाने तथा साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में सतर्कता बढ़ गई है और राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें