फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shivpuri: रिहायशी इलाके में छह फीट लंबा मगरमच्छ मिलने से हड़कंप, सांख्यसागर झील से शहर में कर रहे प्रवेश

Thu, 29 Jun 2023 02:21 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

सांख्यसागर झील में बड़ी संख्या में मगरमच्छ हैं। इस झील में करीब यहां पर 200 से ज्यादा मगरमच्छ हैं। इस सांख्यसागर झील से शिवपुरी शहर के नाले लगे हुए हैं। इन्हीं नालों के सहारे मगरमच्छ शहर में घुस आते हैं।
विज्ञापन
नाली में मिला छह फीट लंबा मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवपुरी शहर में बारिश होते ही मगरमच्छ निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। शिवपुरी में दो दिन से जारी बारिश के बीच गुरुवार को फिजिकल कॉलेज के पास एक छह फीट का मगरमच्छ निकल आया। इस मगरमच्छ के निकल आने से फिजिकल क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास रहने वाले लोगों के द्वारा इस बात की सूचना पुलिस और वन विभाग के अमले को दी गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और यहां पर मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे पकड़ा और उसे पास के ही मड़ीखेड़ा डैम में छोड़ा गया है।
विज्ञापन


मगरमच्छ देखने उमड़े लोग
शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र के फिजिकल कॉलेज के पास नाली में करीब छह फीट का मगरमच्छ निकल आने के बाद इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। जैसे ही मगरमच्छ की खबर आसपास की कॉलोनियों में पहुंची तो लोगों का जमावड़ा उसे देखने को उमड़ पड़ा। लोगों की भीड़ के जुटने की सूचना मिलते ही मौके पर फिजिकल थाना पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। करीब दो घंटे फिजिकल कॉलेज के सामने तमाशा चलता रहा। गुरुवार सुबह 6:00 बजे के लगभग मगरमच्छ को नाली में देखा गया था।

सांख्यसागर झील से आ जाते है मगरमच्छ
शिवपुरी शहर के पास में ही माधव राष्ट्रीय उद्यान की सीमा लगी हुई है। इस राष्ट्रीय उद्यान में सांख्यसागर झील है, जिसमें बड़ी संख्या में मगरमच्छ हैं। इस झील में करीब यहां पर 200 से ज्यादा मगरमच्छ हैं। इस सांख्यसागर झील से शिवपुरी शहर के नाले लगे हुए हैं। इन्हीं नालों के सहारे मगरमच्छ शहर में घुस आते हैं। पिछले कुछ सालों से देखा जा रहा है कि लगातार शिवपुरी शहर की रिहायशी बस्तियों में मगरमच्छ निकल रहे हैं। सांख्यसागर झील में लगातार बढ़ती मगरमच्छों की संख्या भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें