एंबुलेंस चालू करने के लिए धक्का लगाते हुए
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शाजापुर जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज अपना उपचार करने के लिए आते हैं। लेकिन इन दिनों जिला अस्पताल को ही उपचार की जरूरत है। सोमवार रात अस्पताल में भर्ती एक मरीज को ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण जान गंवानी पड़ी।
जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट हैं और अस्पताल की नई और पुरानी बिल्डिंग के सभी वार्डों में ऑक्सीजन लाइन भी डाली हुई है। बावजूद उसके अस्पताल में भर्ती मरीज को सिलेंडर से ऑक्सीजन क्यों दी गई, इस पर भी मृतक मरीज के परिजनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ मंगलवार को जिला अस्पताल में एक प्रसूता को रेफर किया गया था। लेकिन 108 एंबुलेंस चालू नहीं हुई। प्रसूता के परिजन प्रसूता को तड़पता देख 108 एंबुलेंस को धक्का लगाकर चालू करने की जुगत में जुट गए। करीब 10 मिनट तक प्रसूता के परिजन और अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड द्वारा एंबुलेंस को धक्का लगाया गया। तब कहीं जाकर 108 एंबुलेंस चालू हुई और प्रसूता को उपचार के लिए ले जाया गया।
वहीं, इस पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर बीएस मैना का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन लाइन डली हुई है। बावजूद उसके डॉक्टर ने सिलेंडर के ऑक्सीजन क्यों लगाई या जांच का विषय है। वहीं, एंबुलेंस को लेकर उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस भोपाल से संचालित होती है, इसमें हमारा कोई दखल नहीं है।