शाजापुर के जिला अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एचआईवी पीड़ित महिला की शौचालय में डिलीवरी हो गई। खास बात यह है कि अस्पताल में महिला को भर्ती कर लिया गया और डॉक्टर और स्टाफ को पता नहीं था कि महिला एचआईवी से पीड़ित है।
ऐसे में एचआईवी पीड़ित लोगों के उपचार, डिलीवरी में रखी जाने वाली कोई भी सावधानी का पालन यहां नहीं किया गया। इससे महिला के संपर्क में आए डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य लोगों में दहशत का माहौल है। दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती महिला की शौचालय में डिलीवरी हो जाने से यहां की व्यवस्थाओं पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे हैं।
मामले में जिला अस्पताल आरएमओ डॉ. सचिन नायक ने बताया कि महिला को ट्रामा सेंटर के मेटरनिटी वार्ड में भर्ती किया गया था। किंतु वह वहां नहीं रुकी और पुरानी बिल्डिंग की ओर चली गई। वहां शौचालय में उसकी डिलीवरी हुई है। डिलीवरी के बाद पता चला है कि महिला एचआईवी से पीड़ित है। ऐसे में महिला और शिशु को अलग वार्ड में रखा गया है। साथ ही एचआईवी पीड़ित मरीज से जुड़े प्रोटोकाल के अनुसार सावधानी रखकर उपचार किया जा रहा है। महिला के संपर्क में आए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को एचआईवी संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीकाकरण कराया जाएगा।