कोरोना को लेकर स्वास्थ्य अमला सतर्क
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंगलवार को शहडोल संभाग के इकलौते शासकीय बिरसा मुंडा चिकित्सा महाविद्यालय में मॉक ड्रिल कर तैयारियों का जायजा डीन और मातहत अमले द्वारा लिया गया। इसमें सर्व प्रथम प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन (पीएसए) प्लांट का मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान पीएसए प्लांट में ऑक्सीजन की शुद्धता और ऑक्सीजन का प्रेशर आदि की जांच की गई, जो कि दुरुस्त मिली।
इसके अलावा डीन डाक्टर मिलिंद सिरालकर और मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डाक्टर नागेंद्र सिंह, एमएस डॉ विक्रांत कबीरपंथी ने अन्य व्यवस्थाओं को परखा और जांचा। ताकि अगर कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता है और मरीजों की अधिकता अधिक होती है तो पूर्व की भांति समुचित उपचार दिया जा सके। विदित हो कि कोरोना की प्रथम और द्वितीय लहर के दौरान संभाग का इकलौता मेडिकल कालेज का ऑक्सीजन प्लांट एक जीवनदायिनी के रूप में लोगों के काम आया था। यहां के प्रबंधन और चिकित्सकों द्वारा कोरोना मरीजों को यथा संभव उपचार कर दर्जनों लोगों की जान बचाई गई थी, जो अविस्मरणीय रहेगा।
जिला अस्पताल के साथ पीएचसी-सीएचसी में भी मॉक ड्रिल...
मेडिकल कालेज के साथ-साथ शासकीय स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय और जिले भर में स्थित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोरोना संक्रमण के दौरान उपचार व्यवस्था को लेकर मॉक ड्रिल की गई। इस संबंध में जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर अंशुमन सोनारे ने बताया, जिला अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट का मॉक ड्रिल किया गया। साथ ही बेड तक ऑक्सीजन पहुंचने की उपलब्धता की भी जांच की गई। इसके अलावा जिले भर के सीएचसी-पीएचसी में भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जांच पड़ताल की गई। यदि कोरोना संक्रमण की अगली लहर आती है तो स्थानीय स्तर पर ही इन स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमितों का इलाज किया जा सके।