शहडोल जिला मुख्यालय के आसपास के गांव में शिक्षा व्यवस्था फिर से चरमराती नजर आ रही है। सरकारी स्कूल समय पर नहीं खुल रहे हैं। स्कूल में आने वाले छात्र छात्राएं हाइवे पर खड़े रहते हैं, जिसकी वजह से कभी भी कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है।
ऐसा ही एक मामला संभागीय मुख्यालय से लगे सोहागपुर ब्लॉक के निपनिया प्राथमिक माध्यमिक स्कूल का सामने आया है। यहां शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते हैं, जिस कारण बच्चों को परेशान होना पड़ता है। छात्रों का कहना है कि स्कूल के शिक्षक शहडोल से आते हैं, इस कारण वो लोग समय से नहीं आ पाते हैं। शिक्षकों की इस लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर उनकी शिक्षा पर पड़ रहा है।
साढ़े दस बजे के बाद स्कूल पहुंचते हैं शिक्षक
निपनिया के पंच अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि हमारे गांव में शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं। इस कारण स्कूल परिसर में बनी आंगनबाड़ी भी समय पर नहीं खुल पाती है। यहां सभी शिक्षक लगभग संभागीय मुख्यालय से आते हैं। इस कारण उन्हें आने में देरी होती है। सुबह 10.30 के बाद ही शिक्षक स्कूल पहुंचते हैं।
हाइवे पर स्कूल होने से हादसे का डर
ग्रामीणों ने बताया कि निपनिया माध्यमिक स्कूल हाइवे से लगा हुआ है, जिस कारण हादसे का भी डर लगा रहता है। बच्चे पहले स्कूल आ जाते हैं और शिक्षक बाद में जिस कारण बच्चे खेलते-खेलते हाइवे की ओर चले जाते हैं, जिससे खतरा बना रहता है।
स्कूल खुलने के समय को लेकर संशय
जिले भर के सरकारी स्कूलों को सुबह 10 बजे खोलने का आदेश है। लेकिन स्कूल समय पर नहीं खुल रहे हैं। शिक्षक सुबह 10.30 बजे के बाद ही स्कूलों की दहलीज पर पहुंचते हैं। अधिकांश शिक्षकों का कहना है कि सुबह साढ़े दस बजे के बाद ही स्कूल खुलना है, जबकि ऐसा नहीं है। समय पर स्कूल पहुंचने पर शिक्षक लापरवाही बरत रहे हैं। जिले के एसी ट्राइवल आनंद राय सिन्हा ने कहा कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों को सुबह 10 बजे खुल जाना है। जो स्कूल समय पर नहीं खुल रहे हैं, उनका निरीक्षण कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।