शहडोल जिले में झोलाछाप डॉक्टर जगह-जगह इलाज कर रहे हैं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का रिश्तेदार बताकर उनके पैतृक गांव में झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम उप स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगाकर इलाज करता है, जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो मीडिया कर्मियों से झोलाछाप डॉक्टर पांडे ने खुद को सीएमएचओ का रिश्तेदार बताया और पत्रकारों पर अपनी धौंस जमाने लगा। छोलाछाप डॉक्टर का कहना है कि जो करते बन कर लो सीएमएचओ मेरे रिश्तेदार हैं।
जानकारी के अनुसार ब्यौहारी विधानसभा के पपौंध निपनिया प्राथमिक अस्पताल के ठीक बाजू में सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगाकर फर्जी डॉक्टर मरीजों का उपचार करते मिला। मामले की सूचना स्थानीय लोगों ने तत्काल CMHO डॉक्टर आरएस पांडेय को दी, लेकिन उन्होंने गांव में चल रहे फर्जीवाड़े के इस मामले को दबा दिया। पापौंध निपनिया क्षेत्र में लगभग दो दर्जन से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम अपने क्लीनिक चला रहे हैं। इनमें कुछ मेडिकल स्टोर के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं तो कुछ अवैध क्लीनिक के नाम मेडिकल की दुकान चला रहे हैं। पपौंध निपनिया सीएमएचओ डॉक्टर पांडेय का पैतृक गांव है।
निपनिया प्राथमिक अस्पताल से लगभग 100 मीटर दूर मुख्य मार्ग पर ही एक सरकारी कार्यालय उप स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगा हुआ है। उस बोर्ड के ठीक बगल से सरकारी आवास बने हैं जिनमें बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के सरकारी कर्मचारी रहते हैं। बोर्ड के आसपास कोई सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं है लेकिन एक निजी भवन पर पांडेय नाम का व्यक्ति अवैध क्लीनिक संचालित कर रहा है। सरकारी प्राथमिक अस्पताल के ठीक बगल से संचालित इस फर्जी क्लीनिक में स्थानीय लोगों की भीड़ लगी हुई थी। पांडेय नाम का व्यक्ति खुद को ग्रामीणों के बीच डॉक्टर बताता है। वहां दो बिस्तर भी लगाए गए हैं। मरीजों को बॉटल लगाने के साथ-साथ चीर फाड़ और टांका लगाने का काम भी खुलेआम किया जाता है। फर्जी क्लीनिक में भारी मात्रा में दवाइयों का भी अवैध भंडारण है।
CMHO के रिश्तेदार हैं, कुछ नहीं होगा
सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगाकर फर्जी क्लीनिक चलाने वाले पांडेय का कहना है कि जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राम सनेही पांडेय हमारे खास रिश्तेदार हैं। उनको हमारी क्लीनिक के बारे में सब कुछ पता है। जब वो गांव आते हैं तो वो खुद सब देखते हैं। जब CMHO ही हमारे खास रिश्तेदार हैं तो हमारा कोई क्या कर लेगा। कार्यलय उप स्वास्थ्य केंद्र के बोर्ड पर ANM विद्या पांडेय नाम का बोर्ड लगा है।
ग्रामीण झोलाछाप को मानते हैं डॉक्टर
अच्छी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाने के कारण ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टर को ही वास्तविक डॉक्टर मान बैठे हैं। निपनिया उप स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगाकर इलाज कर रहा व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताता है जबकि उसके पास ऐसी कोई डिग्री है ही नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर साहब सस्ते में अच्छा इलाज कर देते हैं इसलिए हम लोग कई सालों से यहां इलाज करवाते आ रहे हैं।
स्वीपर के भरोसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
CMHO के गांव में जो प्राथमिक अस्पताल बनाया गया है वह एक महिला स्वीपर के भरोसे चल रहा है। वहां कोई डॉक्टर पदस्थ नहीं है। दो नर्स की तैनाती की गई है। एक कंपाउंडर पदस्थ हैं जो लोगों का इलाज कर रहे हैं। वहीं नर्स डिलेवरी का मुख्य काम करती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी कुछ दिनों से अस्पताल में ज्यादा समय स्वीपर दीदी ही रहती हैं। जो मरीज आते हैं उन्हें प्राथमिक अस्पताल से फर्जी उप स्वास्थ्य केंद्र की ओर भेज दिया जाता है।
इस मामले में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बातचीत की गई तो उन्होंने भी मामले को हल्के में ले लिया और कहा कि जाने दीजिए मैं दिखवाता हूं और बीएमओ ने भी इस तरह के मामले से अपने आप को बचा लिया और कहा कि मुझे कोई जानकारी ही नहीं है और सीएमएचओ ने मुझे कोई निर्देश कार्रवाई के लिए नहीं दिए हैं। बीएमओ अमित प्रकाश का कहना था कि साहब का गांव है कई झोलाछाप डॉक्टर उनके रिश्तेदार हैं जिसकी वजह से मैं कार्रवाई भी नहीं करूंगा।