शहडोल नगर परिषद के एक कर्मचारी को बिना सूचना दिए ही अधिकारियों ने हटा दिया, जिसके बाद वह नाराज होकर गेट के सामने बैठ गया और धरना शुरू कर दिया। अमलाई नगर परिषद बरगवां अमलाई का कर्मचारी कम्प्यूटर ऑपरेटर कपिल नामदेव नगर परिषद गेट के सामने धरने पर बैठ गया था।
कर्मचारी कपिल नामदेव ने बताया कि वह 15 वर्षों से ग्राम पंचायत देवहरा में कार्यरत था। नगर परिषद गठन के बाद परिषद में कार्यरत है। सुबह जब परिषद कार्यालय में कार्य करने पहुंचा तो उसके बैठने का टेबल और कम्प्यूटर नहीं मिला। बताया गया कि उसे काम से हटा दिया गया है, जिसकी कोई लिखित सूचना उसे नहीं दी गई। इस बात से परेशान होकर वह सुबह से ही परिषद कार्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
कर्मचारी ने बताया कि दो दिन पूर्व उसने अपने साथी कर्मचारियों के साथ मिलकर दिए गए वेतन की जानकारी मांगी थी, लेकिन अन्य कर्मचारी काम पर लौट गए और उसे हटाने की कोशिश की जा रही है। कपिल ने बताया कि सीएमओ, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सभी से अपने काम को लेकर टेबल और कम्प्यूटर हटने के विषय में पूछा, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। नगर परिषद बरगवां अमलाई में लगभग दो वर्षों से ठेकेदार अभिषेक सिंह के माध्यम से मैनपावर सप्लाई का कार्य कराया जा रहा है। ठेकेदार कर्मचारियों का शोषण कर रहा है।
धरने पर बैठा युवक का यह भी आरोप है कि वेतन भुगतान में भी गड़बड़ की जा रही है। नगर परिषद के अधिकारी और अध्यक्ष, उपाध्यक्ष अनदेखी कर रहे हैं, जबकि शिकायतें हो रही हैं। कर्मचारी कपिल को गेट के सामने सड़क पर बैठे आसपास के लोगों ने देखा, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। उपाध्यक्ष डॉ. राज तिवारी ने बताया कि ठेकेदार द्वारा उसे हटाया गया है। इसकी जानकारी उसे चार दिन पहले ही दे दी गई थी। वह ठेका कर्मचारी है और ठेकेदार अपनी सुविधानुसार काम करते हैं। हालांकि, इसे लेकर बात करत हूं।