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Shahdol: शहडोल में बाणगंगा का एतिहासिक मेला शुरू, बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगा रहे हैं आस्था की डुबकी

Tue, 16 Jan 2024 01:32 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

शहडोल के बाणगंगा में लगने वाला एतिहासिक मेला अपने शबाब पर है। मकर संक्रांति के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। 
 
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विस्तार
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शहडोल जिले में मकर संक्रांति पर बाणगंगा का एतिहासिक मेला रविवार को शुरू हो गया। सोमवार को स्नान-दान के शुभ मुहूर्त पर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई और दान पुण्य किया। बड़ी संख्या में लोग मेले का आनंद उठा रहे हैं। शहडोल का एतिहासिक बाणगंगा मेला दूर-दूर तक प्रचलित है। यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचकर मेले का लुत्फ उठाते हैं। इस बार मेले का शुभारंभ सोहागपुर की भजन मंडली ने भजन कीर्तन के साथ शुरू किया। मुख्य अतिथि कुटीर एवं ग्राम उद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। महिला वित्त विकास निगम की अध्यक्ष अमित चपरा, सांसद हिमाद्री सिंह, जयसिंहनगर के विधायक मनीष सिंह के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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बाणगंगा मेला अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। मेले का लुत्फ उठाने दूर-दराज से लोग यहां पहुंचते हैं। बदलते दौर के साथ मेले में भी कई बदलाव देखने मिल रहे हैं। मेला पूरी तरह से आधुनिक रंग में रंगा हुआ है। इसके बाद भी जो कुछ पुरानी चीजे हैं वह अभी भी अपनी जगह बनाए हुए हैं। फिर चाहे वह रहट हो या फिर गन्ने व लाई-लुडिय़ा की दुकानें। सबकुछ बदल गया है लेकिन इनका जो महत्व था वह आज भी बरकरार है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोग इसे आज भी जीवंत बनाए हुए हैं। लोगों का जुड़ाव आज भी वैसा ही बरकरार है। सौ वर्ष से भी पुराने बाणगंगा मेले में उमड़ने वाली भीड़ कम नहीं हुई। बाणगंगा कुंड में आज भी आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की कतार देखने को मिलती है। मकर संक्रांति के शुभ मुहुर्त पर सोमवार को सैकड़ों लोगों ने बाणगंगा कुंड में स्नान-ध्यान कर दान-पुण्य किया। इसके बाद मेले का लुत्फ उठाया।

आकाश झूला व मौत का कुंआ बना आकर्षण का केंद्र
बाणगंगा मेले में इस बार आकाश झूला व मौत का कुआं के साथ ही चांद-सितारा झूला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में आने वाले लोग इस झूले का आनंद उठा रहे हैं। मेले में मिट्टी के पात्र, चीनी मिट्टी के बर्तन, गर्म कपड़े के साथ ही अन्य सामग्री व गन्ने की दुकान सजाई गई है।
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रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
नगर पालिका परिषद की तरफ से सात दिवसीय इस मेले में रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों के साथ ही बुंदेलखंड व छत्तीसगढ़ के कलाकार हर रोज कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों हुजूम इकट्ठा होता है। मेले में भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेले के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है।

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