शाहगंज के दिगंबर वाटरफॉल पर प्रतिबंध के बावजूद 12 युवक मौज-मस्ती करने पहुंचे, जिनमें 5 नाबालिग थे। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर चालानी कार्रवाई की। कलेक्टर ने वर्षा ऋतु में हादसों को रोकने के लिए सभी जोखिमभरे स्थलों पर प्रतिबंध लगाया है।
सीहोर जिले के शाहगंज स्थित दिगंबर वाटरफॉल पर बारिश के मौसम में युवाओं की मौज-मस्ती अब उन पर भारी पड़ रही है। कलेक्टर द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद कई युवक वाटरफॉल पर पहुंचे, जिसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम दिनेश सिंह तोमर ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
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बताया जा रहा है कि 5 मोटरसाइकिलों से कुल 12 युवक यहां पहुंचे थे, जिनमें 7 वयस्क और 5 नाबालिग शामिल थे। एसडीएम ने मौके पर चालानी कार्रवाई की, वहीं पुलिस ने नाबालिगों के परिजनों को बुलाकर समझाइश देकर उन्हें छोड़ा। पुलिस ने युवाओं को सख्त चेतावनी दी है कि इस प्रकार के खतरनाक स्थलों पर जाना न केवल उनकी स्वयं की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।
कलेक्टर का सख्त आदेश, प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
वर्षा ऋतु के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर बालागुरू के द्वारा जिले के प्रमुख वाटरफॉल और जलाशयों—जैसे दिगंबर, अमरगढ़, कालियादेव वाटरफॉल, बुधनी मिडघाट, कोलार डेम, झोलियापुर बैराज और नर्मदा तटवर्ती क्षेत्रों में आम जनता के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन स्थानों पर जाने से रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। एसडीएम दिनेश सिंह तोमर ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बांध, तालाब, झरनों सहित अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर न जाएं, क्योंकि यह प्रतिबंध उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर लगाया गया है।
हाल में हुए हैं दो बड़े हादसे
पिछले दिनों जिले में दो बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें पांच लोगों की मौत हो चुकी है। कोलार डेम में दो युवक नहाते समय डूब गए थे, जबकि रेहटी तहसील की सोलवी नदी में एक ही परिवार के तीन सदस्य डूबकर जान गंवा चुके हैं।ं