थाने के सामने नाबालिग का शव रखकर किया प्रदर्शन।
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सीहोर के अहमदपुर में एक नाबालिग की मौत का मामला मंगलवार को गरमा गया। आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर परिजन शव को थाने के सामने सड़क पर रखकर बैठ गए और बैरसिया रोड जाम कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन करीब दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक चला। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया तो पुलिस ने हल्का लाठी चार्ज कर ग्रामीणों को तितर-बितर दिया। सूचना पर एसडीएम तन्यम वर्मा सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। रात नौ बजे आरोपियों पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद माने और प्रदर्शन खत्म किया। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
पिता का कहना दुष्कृत्य के बाद सल्फास खिलाया
लड़की के पिता का कहना है कि सोमवार रात करीब 11 बजे मेरी दोनों बेटियों पानी भरने गई थीं। इस दौरान कान्हा और जगपाल ने बड़ी बेटी को पकड़ लिया। छोटी बेटी भागकर मेरे पास आई, उसने बताया कि दीदी को उन लोगों ने पकड़ लिया है। मैं खाना खा रहा था। बेटी की बात सुनते ही खाना छोड़कर मौके पर पहुंचा। आसपास तलाश कर रहे थे, तभी वह नाबालिग लौट आई, उसकी काफी तबीयत खराब हो रही थी। मैंने पूछा तो बताया कि दोनों ने उसे एक शटर में बंद कर लिया था। बेटी ने बताया कि उसने दोनों लड़को से कहा था कि पापा से तुम्हारी हरकत जाकर बताऊंगी। इस पर उन्होंने कहा- तू जिंदा रहेगी, तब तो बताएगी। इसके बाद मुंह में जबरन सल्फास की गोली डाल दी।
पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट, थाने से भगाया
पिता का आरोप है कि वह मामले की शिकायत करने रात एक बजे अहमदपुर थाने पहुंचे तो वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने चैनल गेट खोलकर बाहर निकला। मैंने उसे घटना बताई तो बोला, अस्पताल लेकर जा, नहीं तो तुझे भी अंदर डाल दूंगा। इसके बाद वह गेट लगाकर भीतर चला गया। उसने मेरी एक नहीं सुनी और उन्हें डांटकर भगा दिया। फिर वह अपनी बेटी को लेकर भोपाल गए और अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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थाने के सामने शव रखकर 6 घंटे किया प्रदर्शन
नाबालिग का शव लेकर भोपाल से मंगलवार दोपहर तीन बजे के करीब परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणआरोपियों को गिरफ्तार करने व सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। पुलिस भी हमारी नहीं सुन रही है। पुलिस के नहीं सुनने पर गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया। इस दौरान थाने के सामने बैठे परिजनों को पुलिस ने जबरन हटाने की कोशिश करते हुए उनपर लाठीचार्ज किया। इससे परिजन छह लोगों के घायल होने की बात कह रहे है। परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक चला।
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आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि रात के समय नाबालिग की मौत भोपाल में हुई है। इसके अलावा मामले को लेकर पीड़ित पिता के बयान लिए जा रहे हैं। एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। लोग पथराव की कोशिश कर रहे थे। इसलिए हल्का लाठी चार्ज किया गया। बच्ची की जहर खाने से मौत होने पर मर्ग कायम किया गया है। इसके साथ ही बच्ची के पिता ने एक लड़के के साथ बालिका को आपत्तिजनक हालत में देखा था। बच्ची की मौत संदिग्ध परिस्थिति में होने के चलते विवेचना के दौरान परिजनों के कथना के आधार पर पॉक्सो एक्ट सहित बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया है।