सीहोर जिले के शाहगंज वन परिक्षेत्र के खोहा मुरारी गांव में खेत में काम कर रहे किसान अर्जुन सिंह पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। बाघ सूअर का पीछा कर रहा था। वन विभाग ने युवक को अस्पताल पहुंचाया। पूर्व में बाघ के हमलों में दो मौतें हो चुकी हैं।
सीहोर जिले के बुधनी इलाके में आने वाले वन परिक्षेत्र शाहगंज के खोहा मुरारी में एक किसान पर बाघ ने हमला कर दिया। घटना के समय युवक अपने मूंग के खेत में काम कर रहा था। युवक के हाथ में बाघ के दांत के निशान नजर आने से उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। अर्जुन रोज की तरह अपने कुत्ते के साथ खेत पर था। इसी दौरान पास के धान के खेत में बनी बनडी के पीछे से बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ ने उसके हाथ पर पंजा मारा। किसी तरह अर्जुन वहां से भागने में सफल रहा।
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बताया जाता है कि बाघ किसी सूअर का पीछा करते हुए आया था, और वह सूअर के शिकार की कोशिश में था, इसलिए ग्रामीण पर ज्यादा फोकस नहीं किया नहीं तो बड़ी घटना घटित हो सकती थी। घटना सुबह 6 बजे करीब की बताई जा रही है जब वन विभाग को इसकी सूचना दी गई तो मौके पर वन विभाग की टीम पहुंच गई, ओर घायल युवक को वन विभाग के ही सरकारी वाहन से बुधनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती किया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश उईके ने बताया कि घायल युवक 25 वर्षीय अर्जुन सिंह सराठे है, जो कि खोहा मुरारी गांव का निवासी है। रविवार सुबह अपने खेत में काम कर रहा था, तभी एक बाघ शिकार की तलाश में सूअर के पीछे दौड़ रहा था, तभी ये हमला हुआ। युवक के हाथ को बाघ ने दांत मार दिए हैं उसका इलाज कराया जा रहा ह। इसके साथ ही शासन के नियमानुसार 500 रुपए प्रतिदिन और अधिकतम 50 हजार रुपए का इलाज किया जा सकता है। रेंजर ने ये भी आश्वासन दिया कि घायल व्यक्ति को यदि निजी अस्पताल में भी इलाज कराने की आवश्यकता रही तो उसका इलाज कराया जाएगा और शासन के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले बाघ के हमले से गई हैं जानें
रातापानी अभयारण्य क्षेत्र से जुड़े रहने के कारण यहां बड़ी संख्या में वन्यजीव हैं और वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में वन्य प्राणियों की दहशत लगातार ग्रामीणों में बनी रहती है। ग्रामीण दहशत के माहौल में हमेशा से रहे हैं। इससे पूर्व में एक महिला एवं एक पुरुष को बाघ ने शिकार बना चुका है, जिसकी वजह से उनकी मौत हो चुकी है।