सीवन नदी के उद्धार के लिए हो रहे जतन
नगर पालिका के तत्वावधान में शहर की जीवन दायनी मां सीवन के घाट पर 2100 दीयों को प्रज्वलित कर पर्व मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रंगोली से घाट को सजाया और आरती की।
इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि जल है तो कल है, वहीं सीवन हमारे क्षेत्र की जीवनदायनी है। इसके संरक्षण के लिए नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और परिषद ने जो इसके गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का जो कार्य किया है, वह भविष्य के लिए भी जरूरी है। सीवन नदी से क्षेत्र का जल स्तर भी सुधरेगा। उन्होंने यहां पर दीप प्रज्वलित किया।
बता दें कि नगर पालिका द्वारा सीवन नदी का जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत क्षेत्रवासियों के सहयोग से कराया जा रहा है। इसके लिए बजट में करीब 25 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। योजना के तहत नदी का गहरीकरण का कार्य सीवन के दो महिला घाट के अलावा छतरी घाट पर किया जा रहा है। इसके अलावा सीटू नाले का भी गहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। इस मौके पर सीवन उद्धार समिति के पदाधिकारियों के अलावा नगर पालिका सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित, पार्षद प्रदीप बिजोरिया, कमलेश कुशवाहा, राहुल राय, नरेन्द्र राजपूत और आशीष गहलोत आदि बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल थे।
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नगरीय क्षेत्र में आठ किमी है सीवन की लंबाई
नगर में सीवन नदी सैकड़ाखेड़ी के पास स्थित फोरलेन बायपास पर बने पुल से शुरू होती है जो गणेश मंदिर के पास करबला पुल से होकर गुजरती है। यह नदी पार्वती नदी में जाकर मिलती है। सीवन नदी की नगरीय क्षेत्र में कुल लंबाई आठ किमी है। इस हिस्से में दोनों और सघन आबादी निवास करती है।
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दो हजार से अधिक निजी बोर रहते हैं रिचार्ज
जानकारों के मुताबिक नदी का जलस्तर बना रहने से करीब 2000 निजी बोर के अलावा 35 हैंडपंप और कई कुएं रिचार्ज होते हैं। नदी के ऊपर नगरीय क्षेत्र में 7 पुल हैं। लगातार अनदेखी के चलते वर्तमान में महिला घाट पूरी तरह सूख चुका है। चद्दर पुल तक बहुत कम पानी बचा है। बकरी पुल के पास भी बहुत कम पानी है। नदी में लबालब पानी भरा रहने से आसपास के जलस्रोत रिचार्ज होते हैं।