सीहोर की पॉक्सो कोर्ट की विशेष न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। विवाह समारोह में दोस्ती करने के बाद बहला-फुसला कर पीड़िता के साथ दुष्कृत्य करने वाले और उसके वीडियो फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले को सजा दी गई है। मामले में विक्की अहिरवार पिता घनश्याम अहिरवार निवासी रहोना साकल तहसील हुजूर थाना बिलखिरिया जिला भोपाल को 12 साल की सजा और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में न्यायालय में सबसे अहम बात यह रही कि राजीनामा होने के बाद भी कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई।
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विशेष लोक अभियोजक और पैरवीकर्ता केदार सिंह कौरव ने बताया कि अभियोजन प्रकरण संक्षेप में कहानी इस प्रकार है। पीड़िता ने 20 जनवरी 2023 को महिला थाना सीहोर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 26 फरवरी 2019 को अपनी बुआ के देवर की शादी में आई थी और विक्की फोटोग्राफर से शादी में मिली थी, तभी दोनों की जान पहचान हो गई थी। विक्की अपने जन्मदिन पर पीड़िता को एक कैफे में ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान उसने वीडियो भी बना लिया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए कई बार दुष्कृत्य किया। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि उसने विक्की से वीडियो और फोटो डिलिट करने का कहा तो रुपए की मांग की और रुपए लेने के बाद भी वीडियो और फोटो डिलिट नहीं किए।
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वीडियो और फोटो भिजवा कर सगाई तुड़वाई
पीड़िता की जब सगाई हो गई तो विक्की ने फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी और इसके बाद फोटो और वीडियो इंदौर सेंड कर दिए। इससे पीड़िता का रिश्ता टूट गया। पीड़िता की शिकायत के बाद उसका डीएनए परीक्षण भी पॉजीटिव रहा। न्यायालय में आरोपी का पीड़िता से राजीनामा होने के बाद भी आरोपी को दोषसिद्ध ठहराया गया। कोर्ट ने आरोपी विक्की को दोषी पाते हुए पॉक्सो अधिनियम में 12 साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।