सीहोर में तीन साल पुराने एक प्रकरण में कोर्ट ने पीड़िता का बस से अपहरण कर दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को दोषी करार दिया है। मामले में 20 साल के कारावास और 2500 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह फैसला पॉक्सो न्यायालय की विशेष न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर ने सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक और मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया कि अभियोजन की घटना इस प्रकार है कि पीड़िता के पिताजी ने 03 फरवरी 2022 को थाना अहमदपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को दो फरवरी को सलमान बस से करौंद भोपाल जाने के लिए बस में बैठाया था, जो भोपाल नहीं पहुंची। मेरे द्वारा आस-पड़ोस एवं रिश्तेदारी में तलाश करने पर कोई अज्ञात व्यक्ति मेरी पुत्री को बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। जो अभी तक घर वापस नहीं आई।
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पुलिस ने पांच फरवरी को पीडि़ता को आरोपी सोहिल उर्फ सोहेल से दस्तयाब किया गया। पीड़िता द्वारा बताया कि आरोपी सोहित उर्फ सोहेल उसे गांधी नगर बस स्टैंड भोपाल से एक सुनसान खेत पर झोपड़े पर ले गया और उसके साथ एक से अधिक बार दुष्कृत्य किया। पुलिस अनुसंधान पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी सोहिल उर्फ सोहेल (20) पिता पप्पू खां निवासी सूरज नगर पटवाखेड़ा ईंटखेड़ी भोपाल को दोषी पाते हुए धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 376(3) भादवि में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 366 भादवि में 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 363 भादवि में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 2500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण को शासन स्तर पर जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में रखा गया था। डीपीओ अनिल बादल के मार्गदर्शन में मामले का संचालन किया गया।